Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Mar, 2026 04:46 PM

28 फरवरी को अमरीका और ईरान का युद्ध शनिवार के दिन शुरू होने के कारण युद्ध लंबा चलेगा और भीषण और निर्णायक जंग में तब्दील हो जाएगा।
Vikram Samvat 2083 Predictions : 28 फरवरी को अमरीका और ईरान का युद्ध शनिवार के दिन शुरू होने के कारण युद्ध लंबा चलेगा और भीषण और निर्णायक जंग में तब्दील हो जाएगा। नारनौल के ज्योतिषी पंडित अशोक प्रेमी बंसरी वाला ने कहा कि ज्योतिष की दृष्टि से ईरान को बड़े देशों चीन, रूस, भारत, उत्तरी कोरिया की मदद मिलने के कारण ईरान का रुतबा बढ़ेगा तथा युद्ध के परिणाम भयंकर एवं चमत्कारी होंगे। मोजतवा खोमनेई 8 सितंबर 1969 को पैदा होने के कारण मार्केश की दशा से गुजर रहे हैं। उन्हें खट्टे मीठे उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। परन्तु 14 मार्च 2026 से उन्हें अन्य देशों का सहयोग मिलने से युद्ध भीषण होगा, एवं कड़ी टक्कर देकर शत्रु को हिला देंगे।
इस दौरान भारत की भूमिका-विश्व की सबसे श्रेष्ठ एवं शक्तिशाली भारतीय सेना का रुतबा बढ़ेगा। परन्तु भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एवं राष्ट्रपति का भाग्य चक्र ठीक नहीं होने के कारण भारत का तनाव, गृहक्लेश, जनता के भारी विरोध एवं तख्ता पलट का सामना करना पड़ सकता है। अमरीका की दादागिरी खत्म होगी तथा देश और दुनिया में निरंकुश, तानाशाही नेताओं का वर्चस्व समाप्त होगा तथा तख्ता पलट होगा। इस युद्ध में उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग एवं भारतीय सेना का जलवा एवं रुतबा जंग में निर्णायक भूमिका अदा करेगा।
ईरान झुकेगा नहीं, अमरीका रुकेगा नहीं, युद्ध भीषण होगा
वर्ष लगन वि. संवत 2083 का प्रारंभ 19 मार्च 2026 गुरुवार प्रातः 6 बजकर 52 मिनट पर मीन लगन में सूर्य, शनि, चंद्र, शुक्र बैठकर शनि पीड़ित कर रहा है तथा मंगल राहु दोनों एक स्थान पर अंगारक योग बनाना शुभ नहीं है। रौद्र नामक संवत्सर होने के कारण दो बड़ी महाशक्तियों के बीच सीधा टकराव होगा। सनकी राष्ट्र नायक अपनी जिद से महाविनाश के प्रबल योग बनेंगे, प्रजा नकष्ट का अनुभव करेगी। नेतागण बदलकर लोकतंत्र में जनता की चुनी हुई सरकार को क्रांति के माध्यम से गिराने का षड़यंत्र रचा जाएगा। मीन लगन में चार ग्रहों का एक राशि में आना चारों तरफ हाहाकार मचता है।
इस वर्ष राजा का पद देव गुरु बृहस्पति के होने के कारण देश को आगे बढ़ाने में सरकार प्रयासरत रहेगी। भारत वर्ष विकास की नई राह पकड़ेगा और संसार में भारत वर्ष का रुतबा बढ़ेगा। समाज में विद्वानों, धर्म स्थानों व तीर्थ स्थलों को उन्नति के लिए सरकार बड़ी मात्रा में धन खर्च कर युद्ध स्तर पर कार्य करेगी। इस वर्ष मंत्री का पद मंगल के पास होने से सरकारी अधिकारी एवं मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त रहेंगे तथा भारतीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का जलवा सिर चढ़कर बोलेगा। सुप्रीम कोर्ट के न्यायापालिका की तत्परता से अनेक मंत्री व अधिकारी जेल के दर्शन करेंगे। विपक्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर सत्ता पक्ष की जड़ें हिला देगा। किसी देश में तख्ता पलट कर तानाशाह सरकार को अपदस्त होने प्रबल योग पाए जाते हैं।
तीन राज्यों के सी.एम. बदले जाएंगे। चंद्र राहु के चंद्रग्रहण के कारण भारत को चीन पाकिस्तान, अमरीका की षड़यंत्रपूर्ण कुचालों एवं विश्वास घात से सतर्क रहना होगा। ईसा-मूसा की लड़ाई विश्व युद्ध का रूप धारण कर महाविनाश का कारण बनने तथा किसी मुस्लिम राष्ट्र परमाणु शक्ति का प्रयोग कर सकता है। वर्ष 2026 में चार ग्रहण एवंचार क्रूर ग्रह शनि, मंगल, राहु, केतु, अमंगल कर खुशियां छीन सकते हैं। भारत वर्ष के कर्णधारी, सेना प्रमुखों, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति, सेना नायकों भारत वर्ष की सीमा की रक्षा के लिए हथियारों की धार पैनी कर लेनी चाहिए।
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