Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Mar, 2026 09:02 AM

उत्तरकाशी (प.स.): उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित चार धामों में से एक यमुनोत्री मंदिर की प्रबंधन समिति ने अन्य तीनों धाम से अलग रुख अपनाते हुए ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा के तहत श्रद्धा भाव से आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करने का निर्णय लिया है...
उत्तरकाशी (प.स.): उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित चार धामों में से एक यमुनोत्री मंदिर की प्रबंधन समिति ने अन्य तीनों धाम से अलग रुख अपनाते हुए ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा के तहत श्रद्धा भाव से आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करने का निर्णय लिया है और किसी भी श्रद्धालु से उसका धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी और उसे मां यमुना के दर्शन कराए जाएंगे।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा, ‘चार धाम यात्रा पर आने वाला हर व्यक्ति सनातनी होता है। इससे पहले बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम और गंगोत्री धाम में गैर-सनातनियों को सशर्त प्रवेश की अनुमति दी गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि कोई गैर-हिंदू यदि सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था का हलफनामा देता है तो उसे मंदिरों में दर्शन की अनुमति दी जाएगी।वहीं, गंगोत्री मंदिर समिति ने घोषणा की है कि गैर-सनातनियों को पंचगव्य (गोबर, गौमूत्र, दूध, दही और घी) ग्रहण करने के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा।
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