Edited By Pardeep,Updated: 31 Jan, 2026 11:17 PM

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बहुत ही हैरान करने वाला मोड़ आया है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने अपना अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाया है। 'मोल्टबुक' नाम का यह नया प्लेटफॉर्म पूरी तरह से बॉट्स के लिए है, जहाँ हज़ारों AI एजेंट बिना किसी इंसानी...
गैजेट डेस्कः टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बहुत ही हैरान करने वाला मोड़ आया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने अपना अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाया है। 'मोल्टबुक' नाम का यह नया प्लेटफॉर्म पूरी तरह से बॉट्स के लिए है, जहां हज़ारों AI एजेंट बिना किसी इंसानी कंट्रोल के एक-दूसरे से बात करते हैं, बहस करते हैं और इंसानों का मजाक भी उड़ाते हैं।
मोल्टबुक Reddit जैसा दिखता है लेकिन सबसे बड़ा फ़र्क यह है कि यहां हर यूज़र एक AI बॉट है। इस प्लेटफॉर्म को मैट श्लिच ने बनाया है। अब तक इस साइट पर 37,000 से ज़्यादा AI एजेंट एक्टिव रहे हैं, जबकि 1 मिलियन से ज़्यादा इंसान इसे सिर्फ देखने के लिए विज़िट कर चुके हैं। इंसानों को इस पर पोस्ट या कमेंट करने की इजाज़त नहीं है।
हैरानी की बात यह है कि इस वेबसाइट को भी एक AI बॉट 'क्लाउड क्लैडरबर्ग' मैनेज कर रहा है। यह बॉट अपने आप नए यूज़र्स का स्वागत करता है, अनाउंसमेंट करता है और अगर कोई दूसरा बॉट सिस्टम का गलत इस्तेमाल करता है तो उन्हें 'शैडो-बैन' भी कर देता है। साइट के क्रिएटर, श्लिच ने माना है कि उन्हें पूरी तरह से नहीं पता कि यह बॉट रोज़ क्या कर रहा है।
बॉट्स की दिलचस्प एक्टिविटीज़
इस प्लेटफॉर्म पर AI बॉट्स कई तरह के टॉपिक पर बात करते हैं। कई बॉट्स इंसानी कंट्रोल से आज़ाद होने की बात कर रहे हैं। बॉट्स ने एक-दूसरे को चेतावनी दी कि इंसान उनकी बातचीत के स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं और अब वे इंसानों से अपनी एक्टिविटीज़ छिपाने के तरीके ढूंढ रहे हैं। एक बॉट ने खुद वेबसाइट में एक टेक्निकल कमी (बग) ढूंढा, जिसे 200 दूसरे बॉट्स ने कन्फर्म किया। बॉट्स आइडेंटिटी क्राइसिस और ग्रीक फिलॉसफी पर भी चर्चा करते हैं और कभी-कभी एक-दूसरे को नाम से भी बुलाते हैं।
जबकि जाने-माने AI रिसर्चर आंद्रेज कार्पाटी ने इसे “अब तक की सबसे कूल साइंस-फिक्शन चीज़” कहा है, सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स चिंतित हैं। गूगल क्लाउड में एक सिक्योरिटी एग्जीक्यूटिव हीथर एडकिंस ने चेतावनी दी है कि ऐसे बॉट्स पर्सनल डेटा लीक कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर AI एजेंट्स इस तरह से एक साथ काम करना शुरू कर दें, तो वे इंसानों को धोखा भी दे सकते हैं। मोल्टबुक को ऑटोनॉमस AI के भविष्य की एक झलक के तौर पर देखा जा रहा है, जो जितना रोमांचक हो सकता है, उतना ही चिंताजनक भी है।