Edited By Radhika,Updated: 31 Jan, 2026 11:58 AM

पंजाब की राजनीति में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। साल 2027 के विधानसभा चुनावों से करीब एक साल पहले BJP ने राज्य में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए 'मिशन पंजाब' का बिगुल फूंक दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के...
Punjab Election 2027: पंजाब की राजनीति में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। साल 2027 के विधानसभा चुनावों से करीब एक साल पहले BJP ने राज्य में अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए 'मिशन पंजाब' का बिगुल फूंक दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बैक-टू-बैक दौरों ने साफ कर दिया है कि बीजेपी अब पंजाब में 'जूनियर पार्टनर' बनकर नहीं, बल्कि एक बड़ी ताकत के रूप में उभरने की तैयारी में है।
पंजाब चुनाव 2027: दलित और किसान वोट बैंक पर बीजेपी की नजर
पंजाब में अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने के लिए बीजेपी ने एक सोची-समझी रणनीति तैयार की है। इसके केंद्र में राज्य के दो सबसे बड़े वर्ग दलित और किसान हैं।

1. 1 फरवरी को डेरा बल्लां आएँगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी 1 फरवरी को गुरु रविदास जयंती के अवसर पर जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां जा रहे हैं। पंजाब में करीब 32% दलित आबादी है, जो देश में सबसे ज्यादा है। दोआबा क्षेत्र की 23 सीटों पर इस समुदाय का सीधा प्रभाव है। हाल ही में डेरा प्रमुख संत निरंजन दास को 'पद्म श्री' से नवाजा जाना भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
2. मोगा में किसानों के बीच पैठ बनाने की कोशिश
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह 22 फरवरी को मोगा में एक बड़ी किसान रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली के जरिए बीजेपी उस किसान वर्ग (मुख्यतः जट सिख) तक अपनी बात पहुँचाना चाहती है। पार्टी का लक्ष्य करीब 1 लाख किसानों को जुटाकर अपनी ताकत का अहसास कराना है।

विरोधी खेमे में हलचल
बीजेपी की इस सक्रियता ने राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को भी अलर्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने आनन-फानन में डेरा बल्लां के पास 'श्री गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र' के लिए जमीन अधिग्रहण और साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है।
क्या होगा अकाली दल के साथ गठबंधन?
राजनीतिक गलियारों में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बीजेपी के दोबारा हाथ मिलाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि, बीजेपी नेताओं का कहना है कि वे किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं और अपने दम पर संगठन को मजबूत कर रहे हैं।