Edited By Pardeep,Updated: 01 Feb, 2026 12:23 AM

भारत के वित्तीय इतिहास में एक बार फिर ऐतिहासिक पल आने वाला है। करीब 27 वर्षों बाद देश का केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत...
नेशनल डेस्कः भारत के वित्तीय इतिहास में एक बार फिर ऐतिहासिक पल आने वाला है। करीब 27 वर्षों बाद देश का केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत करेंगी। यह केवल दूसरी बार होगा जब बजट रविवार को पेश किया जा रहा है।
इससे पहले कब पेश हुआ था रविवार का बजट?
भारत में इससे पहले आखिरी बार रविवार को बजट 28 फरवरी 1999 को पेश किया गया था। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी और वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा थे। यह बजट सिर्फ दिन के कारण ही नहीं, बल्कि समय के बदलाव के कारण भी ऐतिहासिक था।
उस समय तक बजट शाम करीब 5 बजे पेश किया जाता था। यह ब्रिटिश शासन के दौर की परंपरा थी, ताकि बजट का समय लंदन के कामकाजी घंटों से मेल खा सके। लेकिन यशवंत सिन्हा ने इसे बदलकर सुबह 11 बजे पेश किया। तब से लेकर आज तक भारत में बजट पेश करने का मानक समय सुबह 11 बजे ही बना हुआ है।
बजट अब 1 फरवरी को क्यों पेश होता है?
2017 से भारत में बजट 1 फरवरी को पेश किया जाने लगा है। इससे पहले बजट फरवरी के आखिरी हफ्ते में पेश होता था। इस बदलाव का मुख्य कारण था:
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संसद को बजट पर चर्चा करने के लिए ज्यादा समय मिल सके
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बजट प्रस्तावों को ठीक से समझा जा सके
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नए वित्तीय वर्ष (जो 1 अप्रैल से शुरू होता है) से पहले सभी नियम लागू किए जा सकें
इससे सरकार, उद्योग और आम जनता को नए वित्तीय नियमों के लिए पहले से तैयार होने का मौका मिलता है।
अगर बजट रविवार को पेश हो तो क्या होगा?
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संसद सामान्य रूप से चलेगी
भले ही रविवार अवकाश का दिन होता है, लेकिन बजट के कारण संसद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। वित्त मंत्री लोकसभा में निर्धारित समय पर भाषण देंगी और बजट प्रक्रिया सामान्य रूप से चलेगी।
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शेयर बाजार खुल सकता है
आमतौर पर BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन बजट के दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि निवेशक तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।
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निवेशकों को समझने का ज्यादा समय मिलेगा
रविवार को बजट पेश होने से विशेषज्ञों, कंपनियों और निवेशकों को टैक्स नियमों, सरकारी खर्च, योजनाओं और सेक्टर आवंटन को समझने के लिए पूरा दिन मिलेगा। इससे वे सोमवार को बाजार खुलने से पहले रणनीति बना सकेंगे।
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फिर भी बाजार में उतार-चढ़ाव संभव
भले ही लोगों को विश्लेषण का समय मिल जाए, लेकिन अगर बजट में कोई बड़ा या चौंकाने वाला फैसला होता है, तो सोमवार को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।