Edited By Tanuja,Updated: 02 Jul, 2026 06:00 PM

कनाडा में 11 वर्षीय लड़के की रेबीज से मौत हो गई। सोते समय उसके चेहरे पर चमगादड़ बैठ गया था, लेकिन काटने के कोई निशान नहीं मिलने के कारण परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में रेबीज के लक्षण विकसित हुए और इलाज के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
International Desk: कनाडा में 11 वर्षीय एक लड़के की रेबीज संक्रमण से मौत हो गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कुछ सप्ताह पहले लड़का अपने घर में सो रहा था, तभी उसके चेहरे पर एक Bat बैठ गया। लड़के ने हाथ से उसे हटा दिया, लेकिन उसके चेहरे पर न तो काटने का कोई स्पष्ट निशान था और न ही कोई घाव दिखाई दिया। इसी वजह से परिवार ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। करीब 19 दिन बाद लड़के के चेहरे पर सूजन और सुन्नपन शुरू हुआ। परिजन उसे तुरंत अस्पताल के आपातकालीन विभाग ले गए, जहां शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने इसे Bell's palsy समझते हुए उपचार शुरू किया।
हालांकि, बार-बार अस्पताल जाने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसे तेज बुखार, निगलने में कठिनाई, भ्रम और मानसिक असमंजस जैसे गंभीर लक्षण विकसित हो गए। आगे की जांच में पुष्टि हुई कि लड़का Rabies के उस वायरस वैरिएंट से संक्रमित था, जो चमगादड़ों में पाया जाता है। अस्पताल में लगभग 17 दिन तक इलाज चलने के बाद उसकी मृत्यु हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति का चमगादड़ से निकट संपर्क हो, भले ही काटने का स्पष्ट निशान न दिखे, तब भी तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
चमगादड़ के दांत बहुत छोटे होते हैं और कई बार उनके काटने के निशान दिखाई नहीं देते, लेकिन रेबीज वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। रेबीज के लक्षण दिखाई देने के बाद यह बीमारी लगभग हमेशा जानलेवा होती है। इसलिए संभावित संपर्क के तुरंत बाद पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) यानी रेबीज वैक्सीन और आवश्यक उपचार समय पर लेना जीवन बचा सकता है।