ठिकाने बदलते रहे, लेकिन बच नहीं पाए...अब कानून के शिकंजे में दहेज कांड के फरार आरोपी

Edited By Updated: 18 Jul, 2026 07:32 PM

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उत्तरी दिल्ली में कथित तौर पर दहेज के लिए महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा में एक साथ छापेमारी कर महिला की सास और देवर को गिरफ्तार किया, जो 2018 से फरार थे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के...

नेशनल डेस्क: उत्तरी दिल्ली में कथित तौर पर दहेज के लिए महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा में एक साथ छापेमारी कर महिला की सास और देवर को गिरफ्तार किया, जो 2018 से फरार थे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों के खिलाफ स्वरूप नगर थाने में हत्या, दहेज हत्या और क्रूरता से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज था। 

ससुराल वालों पर गला घोंटकर हत्या का आरोप 
अपराध शाखा के अनुसार, मामला जनवरी 2018 में एक महिला की मौत से जुड़ा है। शुरुआत में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए (क्रूरता), 304बी (दहेज हत्या) और 34 (साझा इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। महिला के परिवार का आरोप था कि उसने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसके ससुराल वालों ने गला घोंटकर उसकी हत्या की थी। इसके बाद मामले में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) भी जोड़ दी गई। पुलिस ने जांच के दौरान ही मृतका के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि सास कंचन (52) और देवर जतिन (31) अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद फरार हो गए थे। बाद में अदालत ने दोनों को भगौड़े अपराधी घोषित कर दिया था।

गिरफ्तारी के डर आरोपी बदल रहे थे ठिकाने 
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे, पुलिस ने उनके ज्ञात ठिकानों पर कई बार छापेमारी की, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली के इब्राहिमपुर गांव के केशव नगर की रहने वाली कंचन हरियाणा के यमुनानगर में रह रही थी, जबकि जतिन उत्तराखंड के देहरादून स्थित मधुबन एन्क्लेव में रहने लगा था।

ओखला इलाके से आरोपियों की हुई गिरफ्तारी 
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "15 जुलाई को टीम को हरियाणा के यमुनानगर जिले में आरोपियों के ठिकाने की पक्की जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के जरिए भी इसकी पुष्टि की गई। पुलिस को यह भी पता चला कि जतिन किसी काम से दिल्ली आया हुआ है। इसके बाद विशेष टीम ने यमुनानगर और दिल्ली के ओखला इलाके में एक साथ कार्रवाई की। 

अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज 
पुलिस ने बताया कि कंचन को यमुनानगर में उसके ठिकाने से पकड़ा गया, जबकि जतिन को ओखला में हिरासत में लिया गया। पहचान की पुष्टि और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर जांच अधिकारियों को बताया कि अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद वे फरार हो गए थे। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे, दिल्ली स्थित अपने पैतृक घर नहीं गए और कई वर्षों तक छिपकर रहे। 

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