सिर्फ 1 मिनट की देरी और चली गई नौकरी! कोर्ट ने कंपनी को लगाई लताड़

Edited By Updated: 13 Apr, 2025 03:51 PM

china female employee was job leaving the office just 1 minute early

चीन के ग्वांगझोउ शहर में एक महिला कर्मचारी को महज एक मिनट पहले ऑफिस छोड़ने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। तीन साल तक शानदार काम करने के बावजूद कंपनी ने उन्हें सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि वह रोजाना ऑफिस टाइम से एक मिनट पहले बाहर निकलती थीं।...

इंटरनेशनल डेस्क। चीन के ग्वांगझोउ शहर में एक महिला कर्मचारी को महज एक मिनट पहले ऑफिस छोड़ने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। तीन साल तक शानदार काम करने के बावजूद कंपनी ने उन्हें सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि वह रोजाना ऑफिस टाइम से एक मिनट पहले बाहर निकलती थीं। मामला अब अदालत तक पहुंचा जहां कोर्ट ने कंपनी को गलत ठहराते हुए महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है।

तीन साल की मेहनत पर एक मिनट भारी

मामला वांग नाम की महिला कर्मचारी का है जिन्होंने एक कंपनी में तीन साल तक निष्ठा और लगन से काम किया लेकिन कंपनी ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह आरोप लगाया कि वांग हर दिन तय समय से ठीक एक मिनट पहले ऑफिस से बाहर निकल जाती थीं। इसी वजह से उन्हें "वर्कप्लेस रूल्स के उल्लंघन" के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया।

कोर्ट ने कंपनी को बताया गलत

न्याय की उम्मीद में वांग ने यह मामला स्थानीय अदालत में दर्ज कराया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि किसी कर्मचारी का एक मिनट पहले ऑफिस छोड़ना “ड्यूटी से बचना” या “काम में लापरवाही” के दायरे में नहीं आता। अदालत ने कंपनी के फैसले को अनुचित और गैरकानूनी करार दिया। कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया कि वह वांग को मुआवजा दे।

 

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कितना मिला मुआवजा?

हालांकि अदालत द्वारा दिए गए मुआवजे की राशि का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन वांग के पक्ष में आए इस फैसले ने चीन में कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। यह मामला दर्शाता है कि कंपनियों को कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने पर जवाबदेह ठहराया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर बहस तेज

इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने वांग के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने लिखा कि यह फैसला उन तमाम कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण है जो ऑफिस की सख्त पाबंदियों का सामना कर रहे हैं। कुछ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या एक मिनट पहले ऑफिस छोड़ना इतना बड़ा अपराध है कि किसी की नौकरी ही चली जाए?

फिलहाल कहा जा सकता है कि यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की नहीं बल्कि उन सभी लोगों की आवाज बन गया है जो कार्यस्थल पर अनुचित नियमों और अत्यधिक नियंत्रण का सामना करते हैं। अदालत के इस फैसले ने साबित कर दिया है कि न्याय की उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए भले ही गलती महज एक मिनट की क्यों न हो।

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