Edited By Pardeep,Updated: 01 Apr, 2026 10:36 PM

पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। Iran ने Bahrain की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बटेलको के मुख्यालय पर ड्रोन और मिसाइल से हमला कर दिया है। पहली नजर में यह हमला किसी टेलीकॉम कंपनी पर लगता है, लेकिन इसकी इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने...
इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने बहरीन की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बटेलको के मुख्यालय पर ड्रोन और मिसाइल से हमला कर दिया है। पहली नजर में यह हमला किसी टेलीकॉम कंपनी पर लगता है, लेकिन इसकी इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, इसी बिल्डिंग से दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी Amazon Web Services (AWS) का पूरा सिस्टम ऑपरेट हो रहा था।
पहली बार अमेरिकी टेक कंपनी पर सीधा हमला
यह इतिहास में पहली बार है जब ईरान ने सीधे तौर पर किसी अमेरिकी टेक कंपनी के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, यानी डेटा सेंटर को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद बहरीन और उसके आस-पास के देशों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। सर्वर डाउन होने के कारण कई बड़े कॉर्पोरेट नेटवर्क, लोकल बैंकिंग सिस्टम और एयरलाइन रिजर्वेशन सिस्टम अचानक ठप पड़ गए हैं।
सरकार ने की पुष्टि, लेकिन कई बातें अब भी छुपी
बहरीन के गृह मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि देश की सिविल डिफेंस टीमें मौके पर आग बुझाने में जुटी हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से सरकार ने अभी तक कंपनी के नाम, नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
पहले ही दी जा चुकी थी चेतावनी
हाल ही में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने खुली चेतावनी दी थी कि अमेरिका और इज़राइल से जारी जंग के बीच अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने साफ कहा था कि इस क्षेत्र में काम कर रही हर उस कंपनी को टारगेट किया जा सकता है, जिनके तार अमेरिका से जुड़े हैं। चेतावनी में Microsoft, Google और Apple जैसी दिग्गज कंपनियों के नाम भी शामिल थे।
अमेजन का क्या है कहना?
पश्चिम एशिया संकट के बाद Amazon एक्टिव मोड में आ गया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि वह अपने क्लाउड ट्रैफिक को सुरक्षित देशों के डेटा सेंटर्स में शिफ्ट करने पर काम कर रही है। AWS ने भी माना है कि इस युद्ध के चलते बहरीन में उनके ऑपरेशंस बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
अब युद्ध सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं
इस हमले ने एक बात साफ कर दी है कि भविष्य की जंग अब सिर्फ जमीन, हवा या समुद्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजिटल दुनिया भी इसकी सीधी जद में आ चुकी है।