Edited By Pardeep,Updated: 08 Sep, 2026 10:29 PM

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की सीमा पर स्थित अल-वादिआ बॉर्डर क्रॉसिंग के पास सैन्य उपकरणों से लदे ट्रकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला किया है। यमन की समाचार एजेंसी के अनुसार, हमले में इस्तेमाल की गईं मिसाइलें 'स्थानीय रूप...
रियाद/सना: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की सीमा पर स्थित अल-वादिआ बॉर्डर क्रॉसिंग के पास सैन्य उपकरणों से लदे ट्रकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से बड़ा हमला किया है। यमन की समाचार एजेंसी के अनुसार, हमले में इस्तेमाल की गईं मिसाइलें 'स्थानीय रूप से निर्मित' थीं। हूतियों ने अल-वादिआ कैंप में सऊदी सेना और वाहनों की कड़ी निगरानी करने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जहां भारी संख्या में गोला-बारूद और हथियार मौजूद थे।
धमाकों से दहला कैंप, सैनिक जान बचाकर भागे
हमले का एक वीडियो फुटेज भी सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि एक फ्रैगमेंटेशन मिसाइल सीधे सैन्य उपकरणों से लदे ट्रकों पर गिरती है, जिससे लगातार कई भयानक विस्फोट होते हैं और आसमान में काले धुएं का गुबार छा जाता है। धमाकों के बीच कैंप में मौजूद सैनिकों को जान बचाकर भागते हुए भी देखा गया है।
सऊदी अरब ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
इस भीषण हमले के बाद सऊदी अरब ने कड़ी जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, रात भर हुए इन हमलों में सऊदी के दक्षिणी प्रांत में स्थित कई ऊर्जा और तेल प्रतिष्ठानों (ऑयल फैसिलिटीज) को निशाना बनाया गया, जिससे वहां अस्थाई तौर पर कामकाज रोकना पड़ा। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं। सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
युद्धविराम टूटने के बाद बढ़ा संघर्ष
सऊदी अरब और हूतियों के बीच जुलाई में चार साल पुराना युद्धविराम टूटने के बाद से हिंसा एक बार फिर भड़क उठी है। यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब अमेरिका और ईरान के बीच भी तल्खी बढ़ रही है, जिसके चलते वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। सऊदी अरब ने हूतियों से अपने हमलों को रोकने और लाल सागर (Red Sea) में जहाजों को निशाना न बनाने की मांग की है।
दूसरी ओर, हूतियों ने भी रियाद पर हमले करने का आरोप लगाया है, जिसमें एक जेल पर हुई बमबारी में 11 लोगों की मौत की बात कही गई है। गौरतलब है कि जुलाई से सऊदी के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा करने के बाद से हूती लगातार लाल सागर में सऊदी जहाजों को निशाना बना रहे हैं।