दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहा 'नया भारत', जल्द बनेंगे तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था'; सिंगापुर में बोले CM योगी

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 09:37 PM

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सिंगापुर की यात्रा पर आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और निवेश एवं अवसंरचना विकास में सहयोग पर चर्चा की।

इंटरनेशनल डेस्कः  सिंगापुर की यात्रा पर आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और निवेश एवं अवसंरचना विकास में सहयोग पर चर्चा की।

सोशल मीडिया पोस्ट में वोंग ने कहा कि उत्तर प्रदेश "भारत की तीसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था और सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में से एक है"। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की कंपनियां उत्तर प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा विकास में निवेश कर रही हैं और व्यापार और निवेश के और गहरे संबंध बनाने की संभावना है।

वोंग ने कहा, ''सिंगापुर और उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने तथा व्यापारिक साझेदारियों को बढ़ावा देने के अवसरों पर हमारी अच्छी चर्चा हुई। मैं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को सिंगापुर की सफल यात्रा की शुभकामनाएं देता हूं।'' मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का दो-दिवसीय सिंगापुर दौरा सोमवार से शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री वोंग के साथ "विचारों का रचनात्मक आदान-प्रदान" किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत-सिंगापुर संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया है, जिससे निवेश, बुनियादी ढांचे के सहयोग और गहन आर्थिक जुड़ाव के नये रास्ते खुल गए हैं। उत्तर प्रदेश हमारे आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।'' आदित्यनाथ ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ भी "सार्थक चर्चा" की। दोनों नेताओं ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत उत्तर प्रदेश-सिंगापुर सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की, जिसमें निवेश सुविधा, बुनियादी ढांचा सहयोग, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया।

आदित्यनाथ ने कहा, "(हमने) माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत-सिंगापुर संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।" उन्होंने कौशल विकास और प्रशिक्षण को लेकर 34 वर्ष पुराने संस्थान ''इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नीकल एडुकेशन'' (आईटीई) द्वारा दी गई विस्तृत प्रस्तुति की भी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा, विमानन कौशल और उद्योग-संगत प्रशिक्षण में सहयोग को सशक्त बनाने के लिए किए गए समझौता ज्ञापनों (एमयूओ) पर हस्ताक्षर का गवाह बने। इन एमयूओ का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के विस्तारशील बुनियादी ढांचे और रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करना है। आईटीई पहले ही भारत में कई कार्यक्रम संचालित कर रहा है, जिनमें असम कौशल विकास मिशन (एएसडीएम) के तहत पूर्वोत्तर कौशल केंद्र (एनईएससी) भी शामिल है। 

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