अमेरिका में भूखे सो रहे हैं 41% कॉलेज छात्र, अक्षय पात्र फाउंडेशन की तर्ज पर भारतीय समुदाय ने संभाली कमान

Edited By Updated: 29 Apr, 2026 10:45 AM

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अक्षय पात्र फाउंडेशन से प्रेरित एक वैश्विक भोजन पहल ने US में कॉलेज छात्रों के बीच भोजन की कमी की चुनौती से निपटने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है और भारतीय-अमेरिकी समुदाय से अपना समर्थन देने की अपील की है। वहीं आंकड़ों के अनुसार करीब 41 प्रतिशत अमेरिकी...

Akshaya Patra USA : अक्षय पात्र फाउंडेशन से प्रेरित एक वैश्विक भोजन पहल ने US में कॉलेज छात्रों के बीच भोजन की कमी की चुनौती से निपटने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है और भारतीय-अमेरिकी समुदाय से अपना समर्थन देने की अपील की है। वहीं आंकड़ों के अनुसार करीब 41 प्रतिशत अमेरिकी छात्र भोजन की कमी (Food Insecurity) का सामना कर रहे हैं। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने वर्ल्ड फूड मूवमेंट (WFM) के सहयोग से सोमवार को यहां 'नो वन हंग्री' (कोई भूखा न रहे) शीर्षक से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।

वर्ल्ड फूड मूवमेंट जो US स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन है, ने पिछले साल सितंबर में न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, बोस्टन और कैलिफोर्निया के कम्युनिटी कॉलेजों में छात्रों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की एक पहल शुरू की थी। इसका लक्ष्य 2030 तक पूरे US में सालाना दस लाख (एक मिलियन) भोजन परोसना है। दूतावास में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अक्षय पात्र फाउंडेशन और वर्ल्ड फूड मूवमेंट के सह-संस्थापक और उपाध्यक्ष श्री चंचलपति दास ने कहा कि US में विभिन्न समुदायों के छात्रों को भोजन और शिक्षा में से किसी एक को चुनने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए।

वहीं दासा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि US के कॉलेज परिसरों में लगभग 41 प्रतिशत छात्र भोजन की कमी का सामना कर रहे हैं। देश के 91 संस्थानों के 74,000 से अधिक छात्रों से जुटाए गए इन आंकड़ों से यह भी पता चला कि सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों के आधे से अधिक छात्र कॉलेज परिसरों में भूखे रहते हैं। उन्होंने कहा, यह सब देखकर और सुनकर हमने वर्ल्ड फूड मूवमेंट को एक चैरिटी के रूप में स्थापित किया ताकि मुख्य रूप से कॉलेज परिसरों में और साथ ही कुछ ऐसे समुदायों में भी भोजन की कमी की समस्या का समाधान किया जा सके जहां भोजन की उपलब्धता कम है।

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US में रहने वाले भारतीय समुदाय द्वारा भारत में ज़रूरतमंद समुदायों की मदद करने के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह बेहद उचित है कि भारतीय-अमेरिकी उन देशों के समुदायों की भी मदद करें जहां वे स्वयं रहते हैं। शेफ विकास खन्ना, जिन्हें इस महीने TIME मैगज़ीन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में खाना पूजा, देखभाल और इलाज का एक रूप है और यह लोगों को एक-दूसरे से जोड़ता है।

छात्रों, कॉलेज अधिकारियों और समुदाय के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए कि कैसे WFM पहल न्यूयॉर्क में भोजन की कमी से जुड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद कर रही है। इस मौके पर एक महिला लाभार्थी ने बताया कि अब उसे अपने अगले भोजन के लिए पैसे खर्च करने और अपने लिए सैनिटरी उत्पाद खरीदने के बीच किसी एक को चुनने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

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