Edited By Tanuja,Updated: 13 Jan, 2026 01:22 PM

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच 108 घंटे से इंटरनेट शटडाउन जारी है। सरकार ने सुरक्षा बहाली तक वैश्विक इंटरनेट बंद रखने की बात कही है। इसी बीच एक वायरल वीडियो में एलन मस्क और स्टारलिंक से कनेक्टिविटी के दावे किए गए हैं, जिनकी पुष्टि नहीं हुई।
International Desk: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच देश को दुनिया से जोड़ने वाली डिजिटल व्यवस्था लगभग पूरी तरह ठप कर दी गई है। ईरान की शीर्ष साइबर अथॉरिटी ने साफ कर दिया है कि जब तक सुरक्षा पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक वैश्विक इंटरनेट तक पहुंच प्रतिबंधित रहेगी। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, नेशनल सेंटर फॉर साइबरस्पेस के प्रमुख मोहम्मद अमीन अक़ामीरी ने बताया कि 9 जनवरी को लगाया गया इंटरनेट ब्लैकआउट फिलहाल जारी रहेगा। इसे हटाने की कोई तय समयसीमा नहीं है और फैसला सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के बाद ही लिया जाएगा।अक़ामीरी ने इंटरनेट बंदी को कथित “कॉग्निटिव वॉरफेयर” से जोड़ते हुए कहा कि दुश्मन साइबरस्पेस के ज़रिए अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने इस दौरान नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (NIN) को मजबूत करने का दावा किया है, जिसके जरिए सीमित सेवाएं जैसे ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग और घरेलू ऐप्स चलाई जा रही हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक ईरानी प्रदर्शनकारी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रदर्शनकारी दावा कर रही है कि जब इंटरनेट पूरी तरह बंद है, तब यह साफ दिखता है कि कौन ईरानी जनता के साथ खड़ा है। उसने एलन मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे की जगह ईरान के “मूल झंडे” का प्रतीक दिखाया गया, जिसे वह समर्थन का संकेत मानता है। सबसे बड़ा दावा यह किया गया कि जहां मोबाइल डेटा, कॉल्स और वीपीएन पूरी तरह ठप हैं, वहां केवल स्टारलिंक के जरिए इंटरनेट की पहुंच संभव है। प्रदर्शनकारी के शब्दों में“ईरान में इंटरनेट नहीं है सिर्फ स्टारलिंक।”

हालांकि, इन दावों की कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले ईरानी प्रशासन पर स्टारलिंक सिग्नल जाम करने और सैटेलाइट इंटरनेट पर सख्ती के आरोप भी लगते रहे हैं।इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के मुताबिक, ईरान को 108 घंटे से अधिक समय से लगभग पूरी तरह वैश्विक इंटरनेट से काट दिया गया है। टेलीकॉम मंत्री सत्तार हाशमी ने कहा है कि सभी सरकारी विभाग शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के फैसले का पालन करेंगे। मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, प्रदर्शनों में अब तक 646 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 505 प्रदर्शनकारी (9 बच्चे सहित), 133 सुरक्षा बलों के सदस्य, एक अभियोजक और सात अन्य नागरिक शामिल हैं। यह आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश कर चुका है और 187 शहरों में 606 प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं।