Edited By Pardeep,Updated: 30 Mar, 2026 11:56 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ऐसा कदम उठाने की तैयारी में है, जिससे अमेरिका और इजराइल दोनों की चिंता बढ़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच...
इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ऐसा कदम उठाने की तैयारी में है, जिससे अमेरिका और इजराइल दोनों की चिंता बढ़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच रहा था, जिससे वॉशिंगटन को खतरा था।
इसी बीच अब ईरान की संसद में Nuclear Non-Proliferation Treaty (एनपीटी) से बाहर निकलने पर चर्चा चल रही है। अगर ईरान यह कदम उठाता है, तो इसका मतलब होगा कि वह परमाणु हथियार विकसित करने के लिए स्वतंत्र हो सकता है।
NPT से बाहर निकलने का क्या होगा असर?
एनपीटी से बाहर निकलने का मतलब होगा कि International Atomic Energy Agency (IAEA) की निगरानी खत्म हो जाएगी और ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने वाले कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध भी हट सकते हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर विचार कर रही है और जल्द ही फैसला लिया जाएगा। इस संभावित कदम को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है।
परमाणु हथियारों पर ईरान का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने सोमवार (30 मार्च 2026) को कहा, “ऐसी संधि में शामिल रहने का क्या फायदा, जिसमें हम पर दबाव डाला जाता है और हमें अपने अधिकारों का लाभ नहीं लेने दिया जाता। हमारे परमाणु ठिकानों पर हमले भी किए जाते हैं।”
हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान ने न पहले कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश की है और न ही भविष्य में ऐसा करने का इरादा है। ईरान का कहना है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा, लेकिन NPT को लेकर अपनी स्थिति की समीक्षा जरूर कर रहा है।
पहले भी बन चुके हैं परमाणु ठिकाने निशाना
पिछले साल जून में 12 दिनों तक चले संघर्ष के बाद ईरानी सांसदों ने NPT से बाहर निकलने के विकल्प पर चर्चा की थी। इसके बाद इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। उस दौरान ईरान के तीन प्रमुख परमाणु केंद्र फोर्डो यूरेनियम संयंत्र, नतांज परमाणु संयंत्र और इस्फहान को निशाना बनाया गया था।
कौन-कौन से देश NPT से बाहर हैं?
दुनिया के चार परमाणु हथियार संपन्न देश भारत, पाकिस्तान, इजराइल और उत्तर कोरिया NPT ढांचे का हिस्सा नहीं हैं। इनमें भारत, पाकिस्तान, इजरायल और South Sudan ने कभी इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि उत्तर कोरिया पहले इसका सदस्य था लेकिन 2003 में इससे बाहर निकल गया था।