Edited By Tanuja,Updated: 06 Apr, 2026 02:53 PM

ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमलों में 25 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। Majid Khademi भी मारे गए। जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं। Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की डेडलाइन दी, जिससे तनाव और बढ़ गया। Israel Katz ने...
International Desk: सोमवार को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें 25 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। इन हमलों के दौरान राजधानी Tehran में कई धमाके सुने गए और घंटों तक लड़ाकू विमान उड़ते रहे। शहर के कई इलाकों में धुआं उठता देखा गया। एक हमले में Sharif University of Technology के पास भी जोरदार धमाका हुआ। इसी हमले में Majid Khademi, जो Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के इंटेलिजेंस प्रमुख थे, उनकी भी मौत हो गई। हमलों के जवाब में ईरान ने इज़राइल पर मिसाइलें दागीं। उत्तरी इज़राइल के शहर Haifa में एक रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों की तलाश जारी है।
ईरान ने खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया, जिसके बाद Kuwait, United Arab Emirates और Saudi Arabia ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए और कई मिसाइलों व ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया। इस बीच, दुनिया की नजरें Strait of Hormuz पर टिकी हैं, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर इस जलमार्ग को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और अन्य अहम ठिकानों पर हमला कर सकता है।तनाव के बीच एक नए सीजफायर (युद्धविराम) प्रस्ताव पर भी बातचीत चल रही है, लेकिन फिलहाल हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और किसी भी समय स्थिति और बिगड़ सकती है।
इज़राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने सोमवार को घोषणा की कि हमने ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के इंटेलिजेंस प्रमुख Majid Khademi को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि IRGC नागरिकों पर हमले कर रहा है और इज़राइल “आतंक के नेताओं” को खत्म कर रहा है। काट्ज़ ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के नेता अब खुद को सुरक्षित नहीं समझें, क्योंकि इज़राइल ने कसम खाई है कि उन्हें “एक-एक कर निशाना बनाया जाएगा।” इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में टकराव और तेज हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इज़राइल ने ईरान के स्टील और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक, इज़राइल ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाएगा, जिससे उसकी सैन्य और आर्थिक ताकत कमजोर हो।