ट्रंप का यू-टर्नः कहा-चीन से लड़ाई नहीं दोस्ती में ही भलाई, बीजिंग ने शांति संदेश पर लगाई मुहर

Edited By Updated: 07 May, 2026 06:15 PM

it s better to get along with china than to fight  chinese embassy spokesperson

चीन ने ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें अमेरिका-चीन सहयोग को संघर्ष से बेहतर बताया गया था। बीजिंग ने युद्धविराम, क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद पर जोर दिया। साथ ही चीन ने ईरान के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया संकट में शांति और नई क्षेत्रीय व्यवस्था...

International Desk: चीन  और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब रिश्तों में नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “चीन से लड़ने की बजाय उसके साथ मिलकर चलना बेहतर है।” यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि चीन से लड़ने की बजाय उसके साथ अच्छे संबंध रखना बेहतर है और चीन भी ऐसा ही महसूस करता है। वास्तव में, स्थिर चीन-अमेरिका संबंध सिर्फ दोनों देशों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और अमेरिका-ईरान संकट को लेकर दुनिया चिंतित है।

 

चीन लगातार खुद को एक वैश्विक मध्यस्थ और शांति समर्थक ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। यू जिंग ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष को कम करने के लिए “जल्दी और पूर्ण युद्धविराम” बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तटीय देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय देशों की चिंाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के वैध हितों की रक्षा होनी चाहिए। यह बयान सीधे तौर पर Strait of Hormuz और पश्चिम एशिया संकट से जोड़कर देखा जा रहा है। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने भी दोनों महाशक्तियों के बीच “कड़ी मेहनत से बनी स्थिरता” को बनाए रखने की अपील की।

 

उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका को मतभेद संभालते हुए सहयोग बढ़ाना चाहिए ताकि आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और “विन-विन सहयोग” पर आधारित रिश्ते बन सकें। इसी बीच, बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री Wang Yi ने ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की। बातचीत में ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर चर्चा हुई। अराघची ने चीन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ईरान को बीजिंग की मध्यस्थता पर भरोसा है और वह चाहता है कि चीन युद्ध रोकने और शांति बहाल करने में सकारात्मक भूमिका निभाता रहे।

 

उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में एक नई क्षेत्रीय व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जो विकास और सुरक्षा दोनों को संतुलित कर सके। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका, चीन और ईरान के बीच यह नई कूटनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और पश्चिम एशिया संकट की दिशा तय कर सकती हैं। चीन ने ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें अमेरिका-चीन सहयोग को संघर्ष से बेहतर बताया गया था। बीजिंग ने युद्धविराम, क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद पर जोर दिया। साथ ही चीन ने ईरान के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया संकट में शांति और नई क्षेत्रीय व्यवस्था की वकालत की।

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