Edited By Rohini Oberoi,Updated: 13 Apr, 2026 11:48 AM

भविष्य में बिजली की किल्लत को खत्म करने के लिए जापान एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है, जो किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसी लगती है। जापान अब धरती की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 'चांद' का इस्तेमाल करने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 'लूनर...
Electricity from Moon : भविष्य में बिजली की किल्लत को खत्म करने के लिए जापान एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है, जो किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसी लगती है। जापान अब धरती की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 'चांद' का इस्तेमाल करने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 'लूनर सोलर रिंग' (Lunar Solar Ring) नाम दिया गया है।
क्या है 'लूनर सोलर रिंग' प्रोजेक्ट?
इस प्रोजेक्ट के तहत चांद की भूमध्य रेखा (Equator) के चारों ओर सौर पैनलों (Solar Panels) की एक विशाल बेल्ट या रिंग बनाई जाएगी। धरती पर मौसम और रात की वजह से सौर ऊर्जा में रुकावट आती है लेकिन चांद पर ऐसी कोई बाधा नहीं है। वहां बिना रुके लगभग 24 घंटे सूरज की रोशनी से बिजली पैदा की जा सकती है। चांद के चारों ओर हजारों मील तक फैले ये पैनल इतनी ऊर्जा पैदा करेंगे जो पूरी दुनिया की जरूरतों के लिए काफी हो सकती है।
चांद से धरती तक कैसे आएगी बिजली?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि चांद पर बनी बिजली को धरती तक कैसे लाया जाएगा? इसके लिए जापान लेजर और माइक्रोवेव तकनीक का सहारा लेगा। चांद पर पैदा हुई बिजली को माइक्रोवेव या लेजर बीम में बदला जाएगा। इन बीमों को सीधे पृथ्वी की ओर भेजा जाएगा। धरती पर बने रिसीविंग स्टेशनों पर इन बीमों को वापस बिजली में बदलकर पावर ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा।
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इंसान नहीं, रोबोट करेंगे निर्माण
चांद की सतह पर इंसानों का रहना और काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इसलिए जापान इस पूरे निर्माण के लिए मशीनों और रोबोट्स का उपयोग करेगा। रॉकेट के जरिए जरूरी उपकरण और रोबोटिक मशीनों को चांद पर भेजा जाएगा। ये ऑटोमेटेड रोबोट चांद की सतह पर सौर पैनल बिछाने और रिंग तैयार करने का काम करेंगे।
क्यों है यह प्रोजेक्ट खास?
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो यह स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की दिशा में दुनिया का सबसे बड़ा कदम होगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों (कोयला, गैस) पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी।