दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र थमा, फुकुशिमा हादसे के बाद पहली बार हुा था शुरू

Edited By Updated: 22 Jan, 2026 05:08 PM

japan to restart world s biggest nuclear plant after 15 year shutdown

जापान के काशिवाजाकी-कारिवा परमाणु संयंत्र का नंबर-6 रिएक्टर तकनीकी खामी के कारण दोबारा बंद कर दिया गया। यह संयंत्र 2011 के फुकुशिमा हादसे के बाद पहली बार फिर शुरू हुआ था। तेप्को ने कहा कि फिलहाल कोई सुरक्षा खतरा नहीं है।

Tokyo: दुनिया के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र को बृहस्पतिवार को फिर से बंद कर दिया गया। यह कदम 2011 के फुकुशिमा परमाणु हादसे के बाद पहली बार संचालन फिर से शुरू होने के महज कुछ घंटों बाद उठाया गया। उत्तर-मध्य जापान में स्थित काशिवाजाकी-कारिवा परमाणु संयंत्र के नंबर-6 रिएक्टर को कंट्रोल रॉड्स से जुड़ी तकनीकी खामी के कारण बंद करना पड़ा। इसके संचालक तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी होल्डिंग्स के अनुसार, कंट्रोल रॉड्स रिएक्टर को सुरक्षित रूप से शुरू करने और बंद करने के लिए बेहद अहम होते हैं। तेप्को ने कहा कि इस तकनीकी खराबी से कोई सुरक्षा समस्या नहीं है और कंपनी स्थिति की जांच कर रही है।

 

फिलहाल यह पता नहीं है कि रिएक्टर को फिर से चालू करने की प्रक्रिया कब से शुरू होगी। काशीवाजाकी-कारिवा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के नंबर-6 रिएक्टर के काम दोबारा शुरू करने पर सबकी नजरें थीं क्योंकि तेप्को वही कंपनी है जो क्षतिग्रस्त फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र का भी संचालन करती है। काशीवाजाकी-कारिवा परमाणु संयंत्र के सभी सात रिएक्टर मार्च 2011 में जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित फुकुशिमा दाइची संयंत्र में भीषण भूकंप और सुनामी आने के एक साल बाद से बंद पड़े हैं।

 

उस हादसे में रिएक्टर पिघल गए थे और रेडियोधर्मी पदार्थों के भारी रिसाव से आसपास की जमीन इतनी दूषित हो गई कि कुछ इलाके आज भी रहने योग्य नहीं हैं। तेप्को अब भी अपनी छवि को हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर रही है। वह फुकुशिमा दाइची संयंत्र में सफाई कार्य भी कर रही है, जिसकी अनुमानित लागत 22 ट्रिलियन येन (लगभग 139 अरब डॉलर) है। सरकारी और स्वतंत्र जांच में फुकुशिमा त्रासदी के लिए तेप्को की खराब सुरक्षा व्यवस्था को दोषी ठहराया गया था और सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलीभगत के लिए कंपनी की आलोचना हुई थी।  

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