सीक्रेट सर्विस SVR का खुलासाः यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की तैयारी में ब्रिटेन और फ्रांस, कहा-“बेहद गंभीर होंगे परिणाम”

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 07:34 PM

medvedev warns of nuclear response if west gives ukraine nuclear weapon

रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR ने आरोप लगाया है कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम यूक्रेन को परमाणु हथियार या ‘डर्टी बम’ तकनीक देने पर विचार कर रहे हैं। दिमित्री मेदवेदेव ने चेतावनी दी है कि ऐसा हुआ तो रूस गैर-रणनीतिक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी...

Moscow: रूस–यूक्रेन युद्ध के बीच एक बेहद गंभीर और चिंताजनक दावा सामने आया है। रूस की सीक्रेट सर्विस Foreign Intelligence Service (SVR) के मुताबिक ब्रिटेन (United Kingdom) और फ्रांस France मिलकर यूक्रेन (Ukraine) को परमाणु हथियार देने की तैयारी में हैं। क्रेमलिन से जुड़े सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष Dmitry Medvedev ने कहा है कि यदि यूक्रेन को उसके पश्चिमी सहयोगियों से परमाणु हथियार या संबंधित तकनीक मिलती है, तो इसके “बेहद गंभीर परिणाम” होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी स्थिति में रूस यूक्रेन के उन ठिकानों पर गैर-रणनीतिक (नॉन-स्ट्रेटेजिक) परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटेगा, जिन्हें वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। इस मुद्दे पर  पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ लकी बिष्ट द्वारा भी अपने सोशल मीडिया अकाऊंट पर एक वीडियो शेयर कर मामले की गंभीरता पर चिंता जताई है। 

 

रूस की सीक्रेट सर्विस Foreign Intelligence Service (SVR) के मुताबिक United Kingdom और France मिलकर Ukraine को परमाणु हथियार देने की तैयारी में हैं।

अगर ये सच निकला तो ये सिर्फ युद्ध नहीं,
पूरी दुनिया की सुरक्षा से खुला खिलवाड़ है।
अब सवाल ये है: क्या महाशक्तियाँ इंसानियत से ऊपर… pic.twitter.com/5bapSmgFjT

— Lucky Bisht (@iamluckybisht) February 24, 2026

SVR के अनुसार, ब्रिटेन और फ्रांस यूक्रेन को तथाकथित “वंडरवाफे” देने की योजना पर विचार कर रहे हैं। इसमें परमाणु क्षमता या कम से कम ‘डर्टी बम’ जैसी तकनीक शामिल हो सकती है। रूसी एजेंसी का दावा है कि पारंपरिक सैन्य ताकत के आधार पर यूक्रेन के लिए रूस पर निर्णायक जीत हासिल करना कठिन है, इसलिए पश्चिमी देश नए और खतरनाक विकल्पों पर सोच रहे हैं। हालांकि, परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के उल्लंघन के जोखिम को लेकर वे सतर्क भी हैं।

 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Germany ने इस तरह की किसी पहल में शामिल होने से इनकार कर दिया है। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध पहले ही वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल चुका है। ऐसे में यदि परमाणु हथियारों या तकनीक के हस्तांतरण का आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल जारी शांति प्रयासों को झटका देगा, बल्कि पूरी वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था को अस्थिर कर सकता है। फिलहाल फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम या यूक्रेन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं।
 
  

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