बांग्लादेश चुनाव से पहले खुली पोल, महिला उम्मीदवारों की भागीदारी में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज

Edited By Updated: 14 Jan, 2026 06:28 PM

lowest ever participation of women candidates in bangladesh elections  matter of

बांग्लादेश में आगामी चुनावों में महिला उम्मीदवारों की भागीदारी 54 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। कुल उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 4.24% है। पूर्व नेताओं और महिला संगठनों ने इसे देश की राजनीति के लिए “शर्मनाक” बताया है।

International Desk: बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों से पहले महिला उम्मीदवारों की बेहद कम भागीदारी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है। देश के इतिहास में पिछले 54 वर्षों में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब चुनाव में महिलाओं की भागीदारी सबसे निचले स्तर पर होगी।  पूर्व राजनीतिक नेताओं और महिला अधिकार संगठनों ने मौजूदा अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं, के कार्यकाल में इस स्थिति को “पूरी राजनीतिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक” बताया है। ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में आयोजित एक कार्यक्रम ‘महिला उम्मीदवारों का नामांकन संकट: पार्टियों के वादे और हकीकत के बीच अंतर’ में वक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग भले ही “लैंगिक समावेशी चुनाव” की बात करता हो, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख महिला और नागरिक संगठनों गणोसास्थ्य अभियान, नारी पक्ष, नारी उद्योग केंद्र, फेमिनिस्ट अलायंस ऑफ बांग्लादेश, वॉयस फॉर रिफॉर्म सहित कई संस्थाओं ने हिस्सा लिया।

 

महिला मंचों ने आरक्षित सीटों का विरोध करते हुए कहा कि वे कोटा से नहीं, बल्कि सीधे चुनाव लड़कर संसद में पहुंचना चाहती हैं। उनका कहना है कि अगर राजनीतिक दल अपने घोषणापत्र और वादों पर खरे नहीं उतरते, तो महिलाएं उन पर भरोसा कैसे करें? फोरम की नेता समीना यास्मीन ने कहा, “देश में महिला मतदाता करीब 50 से 51 प्रतिशत हैं। क्या आधी से ज्यादा आबादी को नजरअंदाज करके सत्ता में आना संभव है? यह एक बुनियादी सवाल है।” इस महीने की शुरुआत में चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए कुल 2,568 उम्मीदवारों में से सिर्फ 109 महिलाएं हैं, यानी महज 4.24 प्रतिशत। इनमें से 72 महिलाओं को राजनीतिक दलों ने टिकट दिया, जबकि बाकी स्वतंत्र उम्मीदवार हैं।

 

रिपोर्ट के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी ने 276 उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी महिला नहीं। इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने 268 उम्मीदवारों में से किसी महिला को मौका नहीं दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जिसका नेतृत्व चार दशकों से एक महिला करती रही है, उसने भी 300 सीटों के लिए सिर्फ 10 महिलाओं को टिकट दिया। इसके अलावा बांग्लादेश खिलाफत मजलिस, खिलाफत मजलिस और बांग्लादेश इस्लामी फ्रंट जैसी पार्टियों ने भी पूरी तरह पुरुष उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारा है।विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्थिति नहीं बदली, तो बांग्लादेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

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