सीमा-व्यापार या राजनीति को लेकर नहीं...:एक आवारा कुत्ते के लिए भिड़े 2 देश, कैरामेलो को लेकर ब्राजील-मेक्सिको में छिड़ी जंग

Edited By Updated: 06 Jun, 2026 04:19 PM

mexico and brazil are arguing over dogs

ब्राजील और मेक्सिको के बीच "कैरामेलो" नामक भूरे रंग के आवारा कुत्ते को लेकर सांस्कृतिक विवाद छिड़ गया है। मेक्सिको ने इसे स्थानीय नस्ल घोषित किया, जबकि ब्राजील इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह 300 से अधिक नस्लों...

International Desk:  इन दिनों ब्राज़ील और मेक्सिको के बीच किसी सीमा, व्यापार या राजनीति को लेकर नहीं, बल्कि एक भूरे रंग के आवारा कुत्ते को लेकर बहस छिड़ी हुई है। इस कुत्ते को "कैरामेलो" कहा जाता है। पुर्तगाली भाषा में "कैरामेलो" का अर्थ टॉफी या कैरेमल जैसा हल्का भूरा रंग होता है। इसी रंग की वजह से ब्राजील में ऐसे आवारा कुत्तों को कैरामेलो कहा जाता है।

 

कैसे शुरू हुआ विवाद ?
अप्रैल 2026 में मेक्सिको के पर्यावरण अधिकारियों ने कैरामेलो को मेक्सिको की स्थानीय नस्ल के रूप में मान्यता देने की घोषणा की।इस फैसले के बाद ब्राजील में नाराजगी फैल गई। कई लोगों का मानना है कि कैरामेलो ब्राजील की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है और उसे किसी दूसरे देश की नस्ल घोषित नहीं किया जाना चाहिए।

 

ब्राजील में  क्यों इतना लोकप्रिय कैरामेलो?
ब्राजील में कैरामेलो सिर्फ एक कुत्ता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक बन चुका है। इस पर हजारों मीम बन चुके हैं। टी-शर्ट और पोस्टर छपते हैं। वायरल गाने बनाए गए हैं। कार्निवल परेड में इसकी झांकियां निकाली जाती हैं। यहां तक कि इसे ब्राजील की मुद्रा पर जगह देने की मांग भी उठ चुकी है। 2019 में कैरामेलो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद लगभग 50 हजार लोगों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर किए। मांग की गई कि 10 रियास के नोट पर इसकी तस्वीर लगाई जाए। 2023 में ब्राजील की संसद में इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने का प्रस्ताव भी पेश किया गया।  हालांकि वह कानून अभी पारित नहीं हो सका है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • ब्राजील की DNA विश्लेषण कंपनी के अनुसार कैरामेलो कोई शुद्ध नस्ल नहीं है।
  • यह 300 से अधिक नस्लों का मिश्रण है। कई पीढ़ियों में प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है।
  • इसे किसी एक देश या एक नस्ल से जोड़ना मुश्किल है।
  • पुर्तगाली उपनिवेशवादी अपने साथ कुत्ते लेकर ब्राजील आए।
  • बाद में इटली, जर्मनी, स्पेन और जापान से आए प्रवासी भी अलग-अलग नस्लों के कुत्ते लाए।
  • दशकों तक इन नस्लों का प्राकृतिक मिश्रण होता रहा।
  • परिणामस्वरूप आज का कैरामेलो अस्तित्व में आया।

 

मेक्सिको का तर्क 
मेक्सिको के पशु अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे भूरे मिश्रित नस्ल के कुत्ते वहां भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। उनका तर्क है कि दोनों देशों की जलवायु और इतिहास काफी समान हैं। ऐसे कुत्ते पूरे लैटिन अमेरिका में मौजूद हैं। कैरामेलो किसी एक देश की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की साझा विरासत है। कैरामेलो की लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद लाखों कुत्ते अब भी सड़कों और शेल्टर होम्स में रह रहे हैं।पशु कल्याण संगठनों के अनुसार ब्राजील में 2 करोड़ से अधिक आवारा कुत्ते हैं। अनुमानतः इनमें 90% से ज्यादा कैरामेलो जैसे मिश्रित नस्ल के कुत्ते हैं। लोग अभी भी इन्हें गोद लेने में शुद्ध नस्लों की तुलना में कम प्राथमिकता देते हैं।

 

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