Edited By Radhika,Updated: 07 Apr, 2026 12:01 PM

हाल ही में धरती की जनसंख्या से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र सामने आया है। यह 'एनवायरनमेंटल रिसर्च लेटर्स' में प्रकाशित हुई नई स्टडी है। सामने आई इस स्टडी ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इंसान जिस रफ्तार से संसाधनों का...
World Population Study 2026: हाल ही में धरती की जनसंख्या से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र सामने आया है। यह 'एनवायरनमेंटल रिसर्च लेटर्स' में प्रकाशित हुई नई स्टडी है। सामने आई इस स्टडी ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इंसान जिस रफ्तार से संसाधनों का यूज कर रहा है कि इससे आज की जीवनशैली को बनाए रखने के लिए हमें एक नहीं, बल्कि 1.8 पृथ्वी की जरूरत है।
इंसान ने पार की 'लक्ष्मण रेखा'
ऑस्ट्रेलिया की फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोरी ब्रैडशॉ के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च में बताया गया है कि 1950 के बाद से जनसंख्या और industrialization में जो उछाल आया, उसने कुदरत का संतुलन बिगाड़ दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पृथ्वी केवल 2.5 अरब लोगों को ही सुरक्षित और संतुलित तरीके से पाल सकती है, जबकि वर्तमान आबादी 8.3 अरब के पार जा चुकी है।
2070 तक चरम पर होगी आबादी
स्टजी की मानें तो 2060 के दशक के अंत या 2070 तक वैश्विक जनसंख्या 12.4 अरब तक पहुँच सकती है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि हम Ecological Debt के तले दबते जा रहे हैं, जिसके कारण जल संकट, खाद्य असुरक्षा और वन्यजीवों के विनाश जैसी आपदाएं बढ़ रही हैं। सिर्फ आबादी ही नहीं, बल्कि अमीर देशों में संसाधनों की अत्यधिक बर्बादी भी इस संकट के लिए उतनी ही जिम्मेदार है।