'मक्का रक्षा समझौते' की पहली बड़ी बैठक आज, डार और आसिम मुनीर पहुंचे तुर्किये, ईरान युद्ध पर होगी नजर

Edited By Updated: 31 Aug, 2026 11:52 AM

pakistan s dar munir arrive in turkiye ahead of first makkah defence pact meet

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत पहली रणनीतिक बैठक के लिए तुर्किये पहुंचे हैं। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए समझौते में सामूहिक सुरक्षा का प्रावधान है। इस्तांबुल बैठक...

Islamabad: पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक डार और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत बैठक के लिए तुर्किये पहुंचे हैं, जिसमें सऊदी अरब भी शामिल है। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने सात अगस्त को एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसे 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के नाम से जाना जाता है। पश्चिम एशिया में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच हुए इस समझौते के तहत, तीनों में से किसी एक देश पर आक्रमण सभी देशों पर हमला माना जाएगा।

 

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री डार ''आधिकारिक कार्यों'' के लिए इस्तांबुल गए हैं। सेना ने एक अलग बयान में कहा कि फील्ड मार्शल मुनीर भी एक ''आधिकारिक यात्रा'' पर तुर्किये गए हैं। उनकी बैठकों और कार्यों के विस्तृत ब्योरे आधिकारिक तौर पर साझा नहीं किए गए हैं। हालांकि, तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि रक्षा समझौते के तहत गठित ''रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति'' की पहली बैठक सोमवार को इस्तांबुल में आयोजित की जाएगी। तुर्किये ने कहा कि उसके विदेश मंत्री हाकान फिदान, रक्षा मंत्री यासर गुलर और तुर्किये के जनरल स्टाफ प्रमुख जनरल सेल्कुक बयारक्तजोगलू इस बैठक में भाग लेंगे। रक्षा समझौते के तहत होने वाली इस पहली बैठक के एजेंडा के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें ईरान युद्ध के संबंध में क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की जाएगी।

 

इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री फिदान ने डार को इस्तांबुल में होने वाली 'रीजनल-4' बैठक के लिए भी आमंत्रित किया है, जिसमें मिस्र के अलावा रक्षा समझौते का हिस्सा तीनों देश भी शामिल हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा पर केंद्रित आर-4 समूह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयासों के दौरान मार्च में उभरकर सामने आया था। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, आर-4 की आखिरी बैठक पांच अगस्त को जॉर्डन की राजधानी अमान में आयोजित की गई थी, जहां मंत्रियों ने "क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में चारों देशों के बीच निरंतर परामर्श और निकट समन्वय के महत्व की पुष्टि की थी।" पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की है।  

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