Edited By Mehak,Updated: 08 Mar, 2026 04:54 PM

पाकिस्तान में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरकार ने ईंधन के दामों में करीब 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक इजाफा किया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की वैश्विक...
इंटरनेशनल डेस्क : पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसी बीच सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। एक ही बार में करीब 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
पेट्रोल और डीजल के नए दाम
सरकार के फैसले के बाद देश में ईंधन के दाम काफी बढ़ गए हैं। पहले हाई-स्पीड डीजल की कीमत लगभग 280.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह पेट्रोल की कीमत भी 266.17 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी से वाहन चालकों और आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक के मुताबिक, यह समस्या केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रहे युद्ध जैसे हालात का असर तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है। पाकिस्तान अपनी तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते पर काफी निर्भर है। वर्तमान स्थिति में इस मार्ग पर जोखिम बढ़ने से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में 50 से 70 प्रतिशत तक उछाल देखा गया है। इसी वजह से पाकिस्तान सरकार को भी घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं।
लोगों में बढ़ी चिंता
ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में लोगों के बीच चिंता और नाराजगी का माहौल है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग आशंका जता रहे हैं कि आने वाले समय में कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं, इसलिए वे पहले से ही पेट्रोल भरवाने की कोशिश कर रहे हैं।
करोड़ों वाहन मालिकों पर असर
पाकिस्तान में वाहनों की संख्या काफी ज्यादा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2024-2025 के दौरान देश में लगभग 1.7 करोड़ दोपहिया वाहन और करीब 70 लाख कारें हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर करोड़ों वाहन मालिकों और आम नागरिकों की जेब पर पड़ने वाला है।
आगे और क्या हो सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो पाकिस्तान में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं। इससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ-साथ रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।