Edited By Pardeep,Updated: 23 Mar, 2026 06:00 AM

रविवार देर रातद क्षिण प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई।
इंटरनेशनल डेस्कः रविवार देर रात दक्षिण प्रशांत महासागर में 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। National Center for Seismology (NCS) के अनुसार, यह भूकंप 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आया, जो इसे ज्यादा खतरनाक बनाता है। कम गहराई वाले भूकंप में झटके ज्यादा तेज महसूस होते हैं और नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।
आफ्टरशॉक का खतरा क्यों ज्यादा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, उथले (शैलो) भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स आने की संभावना अधिक रहती है, क्योंकि ऊर्जा सतह के पास ही रिलीज होती है। यह इलाका Pacific Ring of Fire का हिस्सा है, जिसे दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यहां दुनिया के करीब 90% भूकंप आते हैं और 80% से ज्यादा बड़े भूकंप इसी क्षेत्र में दर्ज होते हैं।
क्यों आता है यहां बार-बार भूकंप?
रिंग ऑफ फायर में टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार टकराती और एक-दूसरे के नीचे धंसती रहती हैं, जिससे भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती हैं। अनुमान के अनुसार, दुनिया में हर साल करीब 5 लाख भूकंप दर्ज होते हैं:
- 1 लाख महसूस किए जाते हैं
- लगभग 100 भूकंप नुकसान पहुंचाते हैं
कितना बड़ा है यह क्षेत्र?
पैसिफिक रिंग ऑफ फायर लगभग 40,000 किलोमीटर लंबा और 500 किलोमीटर तक चौड़ा क्षेत्र है, जो पूरे प्रशांत महासागर को घेरे हुए है। फिलहाल इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन वैज्ञानिक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।