Edited By Pardeep,Updated: 22 Mar, 2026 10:57 PM

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष परमाणु आपदा में बदल सकता है।
इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल संघर्ष अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष परमाणु आपदा में बदल सकता है।
WHO प्रमुख की गंभीर चेतावनी
WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि हमले अब परमाणु संवेदनशील ठिकानों के आसपास हो रहे हैं, जिससे हालात बेहद खतरनाक हो गए हैं।
परमाणु साइट्स के पास हमले
हालिया हमलों में Natanz enrichment complex और डिमोना के आसपास बमबारी ने तनाव और बढ़ा दिया है। ये दोनों इलाके परमाणु गतिविधियों के लिए बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
IAEA की रिपोर्ट में क्या?
International Atomic Energy Agency (IAEA) ने फिलहाल किसी असामान्य रेडिएशन की पुष्टि नहीं की है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
आम लोग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
इस युद्ध का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- ईरान में 1300+ मौतें
- लेबनान में 570 से ज्यादा मौतें
- इजरायल में भी कई लोग मारे गए, 2000+ घायल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि 1800 से ज्यादा बच्चे इस हिंसा का शिकार हुए हैं- या तो मारे गए या घायल।
वैश्विक असर भी गहरा
खाड़ी देशों में ऊर्जा ढांचे पर हमलों से तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया भर में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों और स्कूलों पर हमलों ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।
WHO अलर्ट पर, 13 देशों में तैयारी
संभावित परमाणु खतरे को देखते हुए WHO ने 13 देशों में अपने स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी है, ताकि किसी भी आपदा से निपटा जा सके। अंत में WHO प्रमुख ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा—“शांति ही सबसे अच्छी दवा है।”