Edited By Sahil Kumar,Updated: 23 Mar, 2026 08:33 PM

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सप्लाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर को 10 किलो करने की खबर को अफवाह बताया गया है। छोटे उपभोक्ताओं के लिए 5 किलो सिलेंडर पर जोर दिया गया है। कमर्शियल एलपीजी का 50% राज्यों को...
नेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर उठ रही चिंताओं पर केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने सिलेंडर की मात्रा घटाने की अफवाहों को खारिज करते हुए सप्लाई को स्थिर बनाए रखने और आम लोगों व कारोबारियों को राहत देने के लिए कई अहम कदमों की घोषणा की है।
सबसे पहले घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर फैली एक बड़ी गलतफहमी को दूर किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का वजन घटाकर 10 किलोग्राम करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसे पूरी तरह निराधार बताया। सरकार फिलहाल छोटे उपभोक्ताओं, विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। गुजरात में पेट्रोल पंपों पर दिखी भीड़ को भी उन्होंने केवल घबराहट का परिणाम बताया और कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
कमर्शियल एलपीजी को लेकर भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब इसका 50 प्रतिशत हिस्सा सीधे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर मांग को तेजी से पूरा किया जा सके। इस व्यवस्था के तहत 10 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जिनमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ, डेयरी, सरकारी सब्सिडी वाली कैंटीन, सामुदायिक रसोई, मजदूरों के मेस, स्ट्रीट फूड विक्रेता और छोटे खाद्य उद्योग शामिल हैं। इससे खाद्य और सेवा क्षेत्र के संचालन में सुगमता आने की उम्मीद है।
सरकार ने श्रमिक वर्ग के लिए विशेष इंतजाम भी किए हैं। 5 किलो के सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं। साथ ही, PNG अपनाने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त लाभ देने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। अब तक बाजार में करीब 15,500 टन एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है, जिससे हालात सामान्य होने लगे हैं।
वहीं, इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दी है। अधिकांश भारतीय सुरक्षित हैं, हालांकि अब तक 6 भारतीयों की मृत्यु की पुष्टि हुई है और एक व्यक्ति लापता है। एक अन्य घायल का उपचार जारी है। 28 फरवरी से अब तक करीब 3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। खाड़ी देशों से लगातार उड़ानें संचालित हो रही हैं, जिनमें यूएई से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स और कतर एयरवेज की विशेष उड़ानें शामिल हैं। ईरान में फंसे 1000 से अधिक भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकाला गया है, जबकि इजरायल से लोगों को जॉर्डन के जरिए वापस लाया जा रहा है।