Edited By Tanuja,Updated: 18 Feb, 2026 12:24 PM

अंटार्कटिका के करीब लगभग जमते पानी में पहली बार एक विशाल स्लीपर शार्क कैमरे में कैद हुई है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह खोज समुद्री जीव विज्ञान में ऐतिहासिक है और यह संकेत देती है कि अंटार्कटिक महासागर अब भी कई रहस्यों को अपने भीतर छिपाए हुए है।
International Desk: वैज्ञानिकों को उस समय गहरा आश्चर्य हुआ जब अंटार्कटिका के लगभग जमते पानी में पहली बार एक विशाल शार्क कैमरे में कैद हुई। यह दुर्लभ दृश्य जनवरी 2025 में रिकॉर्ड किया गया, जब एक स्लीपर शार्क समुद्र तल पर सुस्त गति से तैरती दिखाई दी। यह शार्क 3 से 4 मीटर लंबी बताई जा रही है और करीब 490 मीटर की गहराई में पाई गई, जहां पानी का तापमान केवल 1.27 डिग्री सेल्सियस था। अब तक वैज्ञानिकों का मानना था कि इतनी ठंडी अंटार्कटिक जलधाराओं में शार्क का अस्तित्व संभव नहीं है।
यह ऐतिहासिक फुटेज Minderoo-UWA Deep-Sea Research Centre द्वारा लगाए गए कैमरे से रिकॉर्ड हुई, जिसे दक्षिण शेटलैंड द्वीप समूह के पास समुद्र की गहराई में स्थापित किया गया था। यह क्षेत्र Southern Ocean की सीमा के भीतर आता है। इस शोध केंद्र के संस्थापक निदेशक Alan Jamieson ने कहा कि अंटार्कटिक महासागर में अब तक किसी भी शार्क के पाए जाने का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। उन्होंने इसे “समुद्री विज्ञान के लिए बेहद महत्वपूर्ण खोज” बताया।वीडियो में एक स्केट मछली भी दिखाई देती है, जो शार्क के गुजरने के बावजूद स्थिर रहती है।
स्केट की मौजूदगी वैज्ञानिकों के लिए आश्चर्यजनक नहीं थी, क्योंकि उनकी प्रजाति पहले से ही इस क्षेत्र में ज्ञात है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण शार्क जैसी प्रजातियां अब ठंडे इलाकों की ओर बढ़ रही हो सकती हैं। हालांकि, यह भी संभव है कि स्लीपर शार्क लंबे समय से इन गहराइयों में मौजूद रही हो, लेकिन इंसानी नजरों से ओझल रही हो।वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये शार्क समुद्र की गहराइयों में मृत व्हेल, विशाल स्क्विड और अन्य समुद्री जीवों के अवशेषों पर निर्भर रहती हैं। अंटार्कटिक जलक्षेत्र में साल के अधिकांश समय शोध संभव नहीं होता, इसलिए ऐसे चौंकाने वाले दृश्य बहुत कम सामने आते हैं।