पाकिस्तान में महिला क्रिकेटर्स की हालत खराब, सैलरी मजदूरों से भी कम...सिर्फ इतनी है मैच फीस

Edited By Updated: 23 Dec, 2025 11:16 PM

the situation of women cricketers in pakistan is dire

जहां भारत में महिला क्रिकेट को लगातार मजबूत किया जा रहा है, वहीं पाकिस्तान में महिला क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड्स की नीतियों का फर्क महिला खिलाड़ियों की सैलरी और सुविधाओं में साफ दिखाई देता है।

इंटरनेशनल डेस्कः जहां भारत में महिला क्रिकेट को लगातार मजबूत किया जा रहा है, वहीं पाकिस्तान में महिला क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड्स की नीतियों का फर्क महिला खिलाड़ियों की सैलरी और सुविधाओं में साफ दिखाई देता है।

भारत में महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ा इजाफा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में महिला घरेलू क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी की है। अब सीनियर लेवल के मल्टी-डे और वनडे मैचों में प्लेइंग इलेवन की खिलाड़ियों को 50,000 रुपये प्रति दिन मिलेंगे। रिजर्व खिलाड़ियों को 25,000 रुपये प्रति मैच दिए जाएंगे। टी20 मैचों में प्लेइंग इलेवन को 25,000 रुपये और बेंच पर बैठने वाली खिलाड़ियों को 12,500 रुपये मिलेंगे। यह बढ़ोतरी पहले के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है। पहले सीनियर महिला खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन में 20,000 और रिजर्व को 10,000 रुपये मिलते थे।

जूनियर महिला खिलाड़ियों को भी फायदा

BCCI ने जूनियर टूर्नामेंट्स में भी समानता रखी है। मल्टी-डे और वनडे में प्लेइंग इलेवन को 25,000 रुपये प्रति दिन, रिजर्व को 12,500 रुपये। टी20 में प्लेइंग इलेवन को 12,500 रुपये और अन्य खिलाड़ियों को 6,250 रुपये। इस फैसले से घरेलू महिला क्रिकेटरों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और युवा लड़कियों को क्रिकेट को करियर के तौर पर अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

पाकिस्तान में महिला क्रिकेटरों का हाल बेहद खराब

दूसरी ओर, पाकिस्तान में महिला घरेलू क्रिकेटरों की स्थिति चिंताजनक है। वहां महिला खिलाड़ियों को सिर्फ 20,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मैच मिलते हैं। यह रकम भारतीय पैसों में करीब 6,400 रुपये होती है। जूनियर स्तर पर यह फीस और भी कम है।

मजदूरों से भी कम कमाई

पाकिस्तान में जिन महिला क्रिकेटरों को घरेलू कॉन्ट्रैक्ट मिलता है, उन्हें महीने में सिर्फ 35,000 पाकिस्तानी रुपये का रिटेनर दिया जाता है। यह रकम पाकिस्तान में तय न्यूनतम मजदूरी (लगभग 11,444 रुपये) से भी कम है। यानी वहां महिला क्रिकेटर मजदूरों से भी कम पैसे में खेल रही हैं।

PCB ने सैलरी घटाकर दिया झटका

इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की थी। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की आर्थिक हालत और बिगड़ गई। नतीजा यह हुआ कि पहले महिला क्रिकेटरों की मैच फीस 25,000 पाकिस्तानी रुपये थी। बाद में इसे घटाकर 20,000 रुपये कर दिया गया। यह फैसला महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

महीनों तक नहीं मिलता भुगतान

पाकिस्तान में महिला क्रिकेटरों को सिर्फ कम पैसे ही नहीं मिलते, बल्कि कई बार महीनों तक उनका भुगतान भी नहीं किया जाता। इससे खिलाड़ियों की आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाती हैं।

खेलने के मौके भी बेहद कम

पाकिस्तान में महिला क्रिकेटरों को घरेलू स्तर पर मैच खेलने के मौके भी बहुत कम मिलते हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन पर पड़ता है। पाकिस्तान महिला टीम इस समय वनडे और टी20 दोनों में ICC रैंकिंग में 8वें स्थान पर है। इसकी एक बड़ी वजह यह भी मानी जाती है कि PCB पुरुष क्रिकेट पर ज्यादा खर्च करता है और महिला क्रिकेट को लंबे समय से नजरअंदाज करता आया है।

भारत और पाकिस्तान में साफ अंतर

जहां BCCI महिला और पुरुष खिलाड़ियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बराबर मैच फीस दे रहा है और महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रहा है, वहीं पाकिस्तान में महिला क्रिकेटर आज भी कम सैलरी, कम मौके और आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रही हैं। यह अंतर साफ दिखाता है कि दोनों देशों में महिला क्रिकेट को लेकर सोच और प्राथमिकताओं में कितना बड़ा फर्क है।

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