पाकिस्तान में गहराया तेल संकट, 2 हफ्ते के लिए सभी स्कूल बंद, WFH का आदेश, अधिकारियों की कटेगी सैलरी

Edited By Updated: 09 Mar, 2026 11:12 PM

deep oil crisis in pakistan school closed for 2 weeks

पाकिस्तान में तेल की कमी को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं। बढ़ते संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने ऊर्जा और ईंधन की बचत के लिए सख्त कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इस सप्ताह के बाद देश...

इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान में तेल की कमी को लेकर हालात गंभीर होते जा रहे हैं। बढ़ते संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है। सरकार ने ऊर्जा और ईंधन की बचत के लिए सख्त कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इस सप्ताह के बाद देश के सभी स्कूल अगले दो हफ्तों तक बंद रहेंगे। सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे पाकिस्तान में ईंधन संकट गहराने लगा है।

स्कूल बंद, उच्च शिक्षा होगी ऑनलाइन

सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए हायर एजुकेशन संस्थानों में पढ़ाई तुरंत ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इसके साथ ही पूरे देश में स्कूलों को दो हफ्तों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है ताकि बसों, वाहनों और अन्य परिवहन में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल की खपत कम की जा सके।

सरकारी कर्मचारियों के लिए नया वर्क सिस्टम

तेल बचाने के लिए सरकार ने काम करने के तरीके में भी बदलाव किया है। सरकार ने फैसला किया है कि अब सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में केवल चार दिन ही काम होगा। इसके अलावा फेडरल संस्थानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) करने का आदेश दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य दफ्तर आने-जाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की खपत को कम करना है।

अधिकारियों के फ्यूल अलाउंस में होगी कटौती

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह भी कहा कि अगले दो महीनों के लिए सरकारी विभागों के फ्यूल अलाउंस में 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने एक और सख्त फैसला लिया है। ग्रेड-20 और उससे ऊपर के अधिकारियों, जिनकी मासिक आय 3 लाख रुपये से ज्यादा है, उनकी दो दिन की सैलरी काटी जाएगी। सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद देश में ईंधन की बचत करना और आर्थिक दबाव को कम करना है।

मिडिल ईस्ट के तनाव का असर

पाकिस्तान में बढ़ते तेल संकट की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को बताया जा रहा है। वहां की स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर पाकिस्तान जैसे देशों पर पड़ रहा है, जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं।

आम लोगों पर भी पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो इसका असर परिवहन, उद्योग और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। सरकार फिलहाल इन सख्त कदमों के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है, ताकि आने वाले दिनों में ईंधन की कमी से देश में बड़ा संकट पैदा न हो।

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