Edited By Rohini Oberoi,Updated: 29 Jul, 2026 08:52 AM

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने एक बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। दोनों देशों की वायुसेना ने इराक स्थित ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारों पर भीषण हवाई हमले...
Middle East Conflict : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने एक बड़ा संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। दोनों देशों की वायुसेना ने इराक स्थित ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के सैन्य ठिकानों और हथियार भंडारों पर भीषण हवाई हमले किए। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की कमान 'यूएस सेंट्रल कमांड' (CENTCOM) ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है।
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक बयान में कहा, पिछले 72 घंटों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के निर्देश पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में अमेरिकी और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकवादी संगठनों के कई साजो सामान और हथियार भंडारण स्थलों को निशाना बनाया।
सेंटकॉम ने कहा कि रिवोल्यूशनरी गार्ड और उससे जुड़े आतंकवादी समूहों को ये हमले तुरंत बंद करने चाहिए, अन्यथा अमेरिका की ओर से आगे भी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले मंगलवार को सऊदी अरब ने बताया था कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक में सक्रिय ईरान समर्थित सशस्त्र समूह द्वारा दागे गए ड्रोन मार गिराए।
इन ड्रोन का लक्ष्य देश के पूर्वी क्षेत्र में स्थित पेट्रोलियम प्रतिष्ठान थे। वहीं, सऊदी अरब द्वारा सोमवार को भी इसी तरह के ड्रोन हमले का आरोप लगाए जाने के बाद इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए।