अंधाधुंध फायरिंग में 30 लोगों की मौत, कई लापता... शाम ढलते ही मच गया कोहराम

Edited By Updated: 04 Jan, 2026 06:36 PM

thirty people killed in indiscriminate firing several missing

नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से से एक बार फिर दिल दहला देने वाली हिंसा की खबर सामने आई है। नाइजर राज्य के एक गांव में शनिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हथियारबंद हमलावर अचानक घुस आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में कम से कम 30 लोगों की...

नेशनल डेस्क: नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से से एक बार फिर दिल दहला देने वाली हिंसा की खबर सामने आई है। नाइजर राज्य के एक गांव में शनिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हथियारबंद हमलावर अचानक घुस आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई, जबकि कई ग्रामीणों को अगवा कर लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, यह हमला नाइजर राज्य के बोरगु लोकल गवर्नमेंट एरिया के कसुवान-दाजी गांव में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के लोगों पर गोलियां चलाईं और इसके बाद गांव के बाजार तथा कई घरों को आग के हवाले कर दिया। आगजनी से गांव को भारी नुकसान पहुंचा है।

कसुवान-दाजी गांव के पास ही पापिरी समुदाय स्थित है, जहां पिछले साल नवंबर में एक कैथोलिक स्कूल से 300 से अधिक बच्चों और शिक्षकों का अपहरण किया गया था। ऐसे में यह इलाका पहले से ही हिंसा और डर के साए में जी रहा है।

नाइजर स्टेट पुलिस के प्रवक्ता वासियू अबियोदुन ने बताया कि अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि मृतकों की संख्या 37 से भी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि कई लोग अब तक लापता हैं। रविवार तक कुछ ग्रामीणों का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के बाद काफी देर तक गांव में कोई सुरक्षा बल नहीं पहुंचा। लोगों का कहना है कि न तो पुलिस दिखी और न ही सेना, जबकि पुलिस का दावा है कि अगवा किए गए लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।

अफ्रीका के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश नाइजीरिया में दूर-दराज के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। कमजोर निगरानी का फायदा उठाकर हथियारबंद गिरोह गांवों पर हमले, हत्याएं और फिरौती के लिए अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं।

पुलिस के अनुसार, कसुवान-दाजी पर हमला करने वाले हथियारबंद लोग नेशनल पार्क फॉरेस्ट और काबे जिले की ओर से आए थे। घने और सुनसान जंगल इन गिरोहों के लिए सुरक्षित ठिकाने बन जाते हैं, जिससे ऐसे हमलों को अंजाम देना और फिर फरार होना उनके लिए आसान हो जाता है।

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