सूडान में आसमान से बरस रही मौत: ड्रोन हमलों में 77 की मौत, 3 साल से जारी गृहयुद्ध ने मचाई तबाही

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 10:39 AM

death raining from the sky in sudan 77 killed in drone strikes

सूडान का कोर्डोफान (Kordofan) क्षेत्र इन दिनों श्मशान बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे ड्रोन हमलों ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक इन हमलों में अब तक कम से कम 77 बेगुनाह नागरिकों की जान जा चुकी है जबकि...

Sudan Civil War : सूडान का कोर्डोफान (Kordofan) क्षेत्र इन दिनों श्मशान बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे ड्रोन हमलों ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक इन हमलों में अब तक कम से कम 77 बेगुनाह नागरिकों की जान जा चुकी है जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सूडान में जारी इस खूनी संघर्ष को अब तीन साल पूरे होने वाले हैं लेकिन शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही।

अस्पतालों और बाजारों को बनाया निशाना

स्थानीय निवासियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बना रही है। दक्षिण कोर्डोफान की राजधानी कडुगली और पड़ोसी शहर डिलिंग में सबसे ज्यादा तबाही देखी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रोन हमले अब रोज की बात हो गए हैं। ये हमले सीधे तौर पर बाजारों, अस्पतालों और घरों पर किए जा रहे हैं जिससे चारों ओर दहशत का माहौल है।

आंकड़ों में तबाही: 40 हजार मौतें और करोड़ों विस्थापित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के डराने वाले आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2023 से शुरू हुए इस गृहयुद्ध में अब तक 40,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। करीब 1.2 करोड़ लोग अपना घर छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं।सहायता समूहों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है क्योंकि दूरदराज के इलाकों तक पहुंचना नामुमकिन सा हो गया है।

सेना बनाम RSF: क्यों सुलग रहा है कोर्डोफान?

विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध अब सूडान के पश्चिमी हिस्सों की ओर शिफ्ट हो गया है, जिससे कोर्डोफान एक "प्रमुख युद्धक्षेत्र" बन गया है। हालांकि सूडानी सेना ने दावा किया था कि उसने RSF की दो साल पुरानी घेराबंदी तोड़ दी है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। शहर अब भी घिरे हुए हैं और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ड्रोन से पलटवार कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र (UN) की सख्त चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नागरिक स्थलों (स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों) पर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। UN प्रवक्ता स्टेफेन दुजार्रिक ने संकेत दिए हैं कि दोनों ही पक्ष (सेना और RSF) नागरिकों के खिलाफ ड्रोन तकनीक का घातक इस्तेमाल कर रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

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