Edited By Sanjeev,Updated: 25 Oct, 2026 09:27 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (स्थानीय समय) को जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए फ्रांस की आव्रजन नीतियों की आलोचना की। रैली में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'फ्रांस अभी जल रहा है क्योंकि...
जॉर्जिया (अमेरिका) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (स्थानीय समय) को जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए फ्रांस की आव्रजन नीतियों की आलोचना की। रैली में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'फ्रांस अभी जल रहा है क्योंकि उसने अपने दरवाजे उन लोगों के लिए खोल दिए हैं जो उससे नफरत करते हैं। ये ऐसे लोग हैं जो फ्रांस से नफरत करते हैं। वे फ्रांस के लोगों से नफरत करते हैं। वे वहां जाकर बस जाते हैं, लेकिन उन्हें वहां की इमारतें पसंद नहीं आतीं, स्मारक पसंद नहीं आते, पेंटिंग पसंद नहीं आतीं। उन्हें फ्रांस के बारे में कुछ भी पसंद नहीं है।'
फ्रांस के मौजूदा हालात का उदाहरण देते हुए ट्रंप ने अमेरिका की इमिग्रेशन नीतियों का जिक्र किया और कहा, 'और आप जानते हैं कि ऐसे लोगों के साथ क्या करना चाहिए? उन्हें कभी भी अपने देश में न आने दें। और हम यही कर रहे हैं।' ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) के लिए शुरुआती मतदान शुरू हो चुका है। ये चुनाव तय करेंगे कि कांग्रेस के दोनों सदनों पर किसका नियंत्रण होगा और इससे ट्रंप के कार्यकाल के बचे हुए समय में उनके विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है।
इस बीच फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि शनिवार (स्थानीय समय) को पूरे फ्रांस में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। पेरिस और अन्य शहरों में बढ़ती महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। 'फ्रांस 24' के अनुसार, फ्रांसीसी सरकार ने बताया कि पूरे देश में लगभग 410,000 प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाला जबकि आयोजकों का अनुमान है कि इसमें करीब 800,000 लोग शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि पेरिस में 'कोर्स डी विन्सेनेस' (Cours de Vincennes) के पास हो रहे प्रदर्शन को पूरी तरह से तितर-बितर कर दिया गया है। मार्च के पिछले हिस्से में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई थीं। पुलिस ने बताया कि जमीनी इकाइयों की मदद करने और दंगाइयों के बचे हुए समूहों का पता लगाने के लिए एक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के अंत तक वहां '500 से ज्यादा दंगाई' मौजूद थे।
पुलिस पर कुछ चीज़ें फेंके जाने के बाद उन्होंने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान नुनेज ने कहा, 'अभी तक लगभग 1,000 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है। मुझे लगता है कि यह आंकड़ा और भी काफी बढ़ सकता है।' मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले शनिवार को जब हिंसा और लूटपाट हुई थी, तब भी इसी समय तक 385 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था।
फ्रांस भर में सैकड़ों प्रदर्शन हुए। बढ़ती महंगाई और शिक्षा के लिए फंड की कमी को लेकर लोगों में काफ़ी गुस्सा था। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुईं, जो हाल ही में हुई हिंसा को दोबारा होने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
युरोन्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में प्रदर्शन काफ़ी हद तक शांतिपूर्ण थे, लेकिन शनिवार देर शाम पेरिस में ज़बरदस्त झड़पें शुरू हो गईं। हाल ही में हुई हिंसा को दोबारा होने से रोकने के लिए पूरे देश में सुरक्षा बल तैनात थे। दंगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। हिंसा और पुलिस के साथ टकराव ल्योन, लिले, मार्सिले, मोंटपेलियर, नैनटेस और टूलूज जैसे कई बड़े शहरों तक फैल गया।