Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 Apr, 2026 11:44 PM

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा समय सार्वजनिक किया है, जिसे संभावित सैन्य कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज...
नेशनल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा समय सार्वजनिक किया है, जिसे संभावित सैन्य कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक शिपिंग के लिए नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के अहम नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला कर सकता है।
ट्रंप का खुला अल्टीमेटम, समय भी बताया
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा- “मंगलवार, रात 8:00 बजे (पूर्वी समय)!” भारत के समयानुसार यह बुधवार सुबह होगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान ईरान के लिए नई डेडलाइन तय करने जैसा है।
युद्ध के बीच असामान्य रणनीति
किसी संभावित सैन्य कार्रवाई का समय सार्वजनिक करना असामान्य माना जा रहा है। हालांकि ट्रंप अपने अलग अंदाज के लिए पहले भी जाने जाते रहे हैं। हाल ही में एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के ईरान में गिराए जाने के बाद यह बयान आया है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
तेल आपूर्ति और वैश्विक असर
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित करने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ा है। दुनिया के करीब 20% तेल व्यापार का रास्ता यही जलडमरूमध्य है, जिसके बंद होने से तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
ईरान का पलटवार, अमेरिका पर गंभीर आरोप
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका, इजरायल के इशारे पर काम कर रहा है और पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक रहा है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेगा।
रूस ने दी बातचीत की सलाह
इस बीच रूस ने अमेरिका से अपील की है कि वह अल्टीमेटम की नीति छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई जा रही है।
जमीनी हालात में दिखी सामान्य जिंदगी
तेहरान में ट्रंप की धमकियों का असर सीमित नजर आया। राजधानी में लोग पार्कों में पिकनिक मनाते, संगीत सुनते और रोजमर्रा की जिंदगी जीते दिखे, जिससे संकेत मिलता है कि आम नागरिक फिलहाल हालात को लेकर ज्यादा घबराए हुए नहीं हैं।
खाड़ी देशों तक फैलता तनाव
संघर्ष अब खाड़ी क्षेत्र तक फैलता नजर आ रहा है। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत में भी हमलों की खबरें सामने आई हैं। वहीं, ईरान ने बुशेहर परमाणु संयंत्र पर हो रहे हमलों को लेकर चेतावनी दी है कि इससे रेडियोधर्मी रिसाव हो सकता है, जिसका असर पूरे GCC क्षेत्र पर पड़ सकता है।
स्थिति बेहद नाजुक, दुनिया की नजरें मंगलवार पर
मौजूदा हालात को देखते हुए मिडिल ईस्ट में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अब सबकी निगाहें मंगलवार रात पर टिकी हैं, जब यह साफ हो सकता है कि कूटनीति काम करेगी या टकराव और बढ़ेगा।