Edited By Tanuja,Updated: 29 Mar, 2026 11:26 AM

अमेरिका-ईरान तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने युद्ध जारी रखने की बात कही और ईरान को लंबे समय तक सैन्य रूप से कमजोर करने का लक्ष्य बताया। दूसरी ओर, टॉमहॉक मिसाइलों की भारी खपत से अमेरिकी रक्षा भंडार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
International Desk: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ( JD Vance) ने एक बड़ा और चिंताजनक बयान देते हुए कहा है कि United States ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को “कुछ समय और” जारी रखेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका का मकसद Iran को लंबे समय तक सैन्य रूप से कमजोर करना है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान वेंस ने कहा कि अमेरिका अपने “ज्यादातर सैन्य लक्ष्यों” को हासिल कर चुका है। उनका दावा है कि अब तक की कार्रवाई काफी हद तक सफल रही है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मिशन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है।
जब उनसे युद्ध के कारण बढ़ती गैस कीमतों पर सवाल किया गया, तो वेंस ने इसे स्वीकार किया कि युद्ध का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। लेकिन उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। इस बीच, US Department of Defense के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रही Tomahawk cruise missile की खपत इतनी ज्यादा है कि उसका उत्पादन पीछे छूट गया है। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि मिसाइलों का इस्तेमाल तेजी से हो रहा है और उत्पादन क्षमता उतनी तेज नहीं है ।इससे भविष्य के ऑपरेशनों पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर युद्ध लंबा चलता है तो अमेरिका के हथियार भंडार पर और दबाव बढ़ेगा। तेल और गैस की कीमतें और बढ़ सकती हैं ।