पाकिस्तान ही नहीं सीरिया में भी महिला फिदायीन बनीं चुनौती, 25 हजार ने संभाले हथियार

Edited By Updated: 03 Feb, 2026 09:02 PM

female suicide bombers have also become a challenge in syria

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालिया हमलों में हथियारबंद महिला लड़ाकों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही चिंतित कर दिया था। अब इसी तरह का तनाव सीरिया के उत्तरी हिस्से में भी उभरता दिखाई दे रहा है। यहां कुर्द महिलाओं की पूरी महिला सैन्य टुकड़ी...

इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालिया हमलों में हथियारबंद महिला लड़ाकों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही चिंतित कर दिया था। अब इसी तरह का तनाव सीरिया के उत्तरी हिस्से में भी उभरता दिखाई दे रहा है। यहां कुर्द महिलाओं की पूरी महिला सैन्य टुकड़ी वुमेन्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (YPJ) ने सरकारी समर्थक बलों के सामने हथियार डालने से साफ इनकार कर दिया है।

यह टकराव अब सिर्फ जमीन या सत्ता का नहीं रह गया है, बल्कि कुर्द महिलाओं की पहचान, स्वायत्तता और उनके अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है।

कौन हैं YPJ और क्यों चर्चा में हैं?

YPJ वही संगठन है जिसने इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ाई में पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अपने चरम समय में इस संगठन में करीब 25,000 महिला लड़ाके मोर्चे पर तैनात थीं। ये महिलाएं अमेरिका और ब्रिटेन समर्थित कुर्द सैन्य गठबंधन का हिस्सा थीं। उन्होंने ISIS से बड़े इलाकों को मुक्त कराया और वहां एक अघोषित स्वायत्त प्रशासन स्थापित किया, जहां आज लगभग 40 लाख लोग रहते हैं। इस इलाके में स्कूल, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था कुर्द नेतृत्व के तहत चल रही थी।

सरकार का हमला और कुर्दों की हार

इस साल की शुरुआत से हालात तेजी से बदले. नई सीरियाई सरकार ने कुर्द इलाकों पर बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई में कुर्दों को अपने करीब 80 फीसदी इलाके खोने पड़े। इसके बाद उन्हें युद्धविराम और एक असमान सत्ता-साझेदारी समझौते के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, YPJ ने साफ कह दिया है कि वह इस समझौते से बंधी नहीं है और अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

युद्धविराम समझौते में YPJ का जिक्र तक नहीं

जिस युद्धविराम पर कुर्द नेतृत्व और दमिश्क सरकार सहमत हुए हैं, उसमें YPJ का नाम तक शामिल नहीं है। इसके बावजूद YPJ की प्रवक्ता रुक्सेन मोहम्मद ने कहा है कि उनका संगठन कुर्द सैन्य ढांचे के भीतर एक स्वतंत्र सशस्त्र इकाई के रूप में काम करता रहेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्तमान राष्ट्रपति अहमद अल-शारा पहले अल-कायदा से जुड़े संगठन जबहत अल-नुसरा के नेता रह चुके हैं और सीरिया के शुरुआती गृहयुद्ध में उनकी टुकड़ियों ने सीधे YPJ से लड़ाई की थी। इसलिए कुर्द महिलाओं को उन पर भरोसा नहीं है।

अमेरिका पीछे हट रहा, खतरा बढ़ा

इस बीच अमेरिका ने ISIS के कैदियों को इराक भेजना शुरू कर दिया है और संकेत मिल रहे हैं कि वह धीरे-धीरे इस क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की तैयारी कर रहा है। इससे आशंका है कि सीरियाई सरकार समर्थक बल कुर्द क्षेत्रों पर फिर से बड़ा हमला कर सकते हैं, जिससे उनका स्वायत्त इलाका पूरी तरह खत्म हो सकता है। फिर भी YPJ की महिलाएं डरने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि वे अपनी आजादी और पहचान के लिए लड़ती रहेंगी, चाहे हालात कितने ही मुश्किल क्यों न हों।

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