5 रुपए के Lays पैकेट में निकले सिर्फ 4 ग्राम चिप्स, कंपनी अब ग्राहक को देगी 8,000 रुपए

Edited By Updated: 31 Oct, 2026 12:28 AM

a 5 rupee lays packet contained only 4 grams of chips company is now offering

पैक्ड फूड में वजन कम होने और सेवा में कमी को लेकर राजस्थान के जयपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां 5 रुपये के Lay’s चिप्स के पैकेट में तय वजन से काफी कम चिप्स निकलने पर उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।

जयपुर: पैक्ड फूड में वजन कम होने और सेवा में कमी को लेकर राजस्थान के जयपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां 5 रुपये के Lay’s चिप्स के पैकेट में तय वजन से काफी कम चिप्स निकलने पर उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। जयपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-II ने सुनवाई के बाद चिप्स बनाने वाली कंपनी पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स (PepsiCo) को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्राहक को 8,000 रुपये का मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है।

15 ग्राम के पैकेट में निकले केवल 4 ग्राम चिप्स 
यह मामला जयपुर के रहने वाले चंद्रमण जालान (जालान बिल्डिंग एंड हार्डवेयर स्टोर के मालिक) से जुड़ा है। उन्होंने 10 नवंबर 2020 को 'मेट्रो कैश एंड कैरी' से घर आए मेहमानों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी थी, जिसमें 5 रुपये का Lay’s चिप्स पैकेट भी शामिल था। जब उन्होंने मेहमानों के सामने पैकेट खोला तो उन्हें चिप्स का वजन असामान्य रूप से कम लगा। पैकेट पर कुल वजन 15 ग्राम दर्ज था, लेकिन तौलने पर उसमें केवल 4 ग्राम चिप्स ही निकले।

मेट्रो कैश एंड कैरी से शिकायत बेअसर, 2022 में पहुंचे उपभोक्ता आयोग 
ग्राहक ने सबसे पहले सामान बेचने वाले स्टोर 'मेट्रो कैश एंड कैरी' से इस बात की शिकायत की, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने 6 अप्रैल 2022 को जयपुर के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-II का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने याचिका में कंपनी पर अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी का आरोप लगाया।

सुनवाई के दौरान मेट्रो कैश एंड कैरी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि निर्माण के दौरान वजन में कमी हो सकती है, इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी पेप्सिको की है।

कंपनी की अनुपस्थिति पर हुई एकतरफा कार्यवाही; 8,000 रुपये हर्जाना तय 
17 सितंबर 2026 को मामले का निपटारा करते हुए आयोग ने अपना निर्णय सुनाया। आयोग ने पाया कि नोटिस जारी होने के बावजूद पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स का कोई प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते कंपनी के खिलाफ एकतरफा कार्यवाही की गई। आयोग ने मेट्रो कैश एंड कैरी के खिलाफ शिकायत को खारिज करते हुए पेप्सिको को दोषी करार दिया।

आयोग ने पेप्सिको को निम्नलिखित भुगतान करने के निर्देश दिए हैं:

  • मानसिक उत्पीड़न का मुआवजा: ग्राहक को हुए मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये।
  • कानूनी/मुकदमे का खर्च: याचिकाकर्ता को मुकदमे के खर्च के रूप में 3,000 रुपये।
  • खरीद राशि पर ब्याज: चिप्स के 5 रुपये की मूल राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से लौटाने का हुक्म (ब्याज की गणना 6 अप्रैल 2022 से भुगतान तक होगी)।

आयोग ने कंपनी को 1 महीने के भीतर 8,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। तय समय सीमा में राशि न देने पर इस रकम पर भी निर्णय की तारीख से 6 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देना होगा।

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