बैंक शाखाएं प्रासंगिक रहेंगी, आगे चलकर ‘फिजिटल’ बैंकिंग का रास्ता बनेगा : बैंकर

Edited By Updated: 25 Nov, 2021 12:41 AM

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मुंबई, 24 नवंबर (भाषा) डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद बैंक शाखाएं प्रासंगिक बनी रहेंगी क्योंकि बड़ी संख्या में ग्राहक शाखाओं में लेनदेन करने में अधिक सहज होते हैं। बैंक अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मुंबई, 24 नवंबर (भाषा) डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ने के बावजूद बैंक शाखाएं प्रासंगिक बनी रहेंगी क्योंकि बड़ी संख्या में ग्राहक शाखाओं में लेनदेन करने में अधिक सहज होते हैं। बैंक अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि बैंकों को ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग के विभिन्न पहलुओं के बारे में शिक्षित करने का प्रयास करना चाहिए ताकि वे इन चैनलों का आसानी से उपयोग कर सकें।
भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक अश्विनी के तिवारी ने ‘ईटी बीएफएसआई’ द्वारा आयोजित एक वर्चुअल सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि एक माध्यम या एक चैनल के रूप में शाखाएं बनी रहेंगी। अभी भी एक बड़ी आबादी है जो केवल डिजिटल के बजाय बैंक में जाकर लेनदेन में अधिक सहज होगी। इसलिए, फिजिकल प्लस डिजिटल या फिजिटल की यह दुनिया आगे का रास्ता होगी।’’ सिटी यूनियन बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन कामकोडी ने कहा कि पुरानी पीढ़ी मैनुअल बैंकिंग माध्यम के साथ बहुत सहज है, उनमें से कई अब डिजिटल माध्यम का भी उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में लगभग 90 प्रतिशत बैंकिंग लेनदेन अब इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या एटीएम जैसे गैर-शाखा चैनलों में किए जाने लगे हैं। शाखाओं में होने वाले लेनदेन की संख्या एकल अंकों में होती है।’’

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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