2026 Targeted killings: पंजाब में गैंगस्टरों का उदय, नए साल के पहले हफ्ते में 4 टारगेटेड किलिंग

Edited By Updated: 13 Jan, 2026 09:27 AM

2026 targeted killings gangster networks narcotics trafficking khalistan supp

2026 के सिर्फ पहले हफ्ते में, पंजाब में लगातार 2026 टारगेटेड किलिंग हुई, जो राज्य में मुश्किल हिंसा के जमे हुए पैटर्न के लगातार बने रहने और बढ़ने तथा कानून-व्यवस्था में गंभीर कमियों को दिखाती हैं। हमलावरों का साफ तौर पर बेखौफ होना, खालिस्तान समर्थक...

नेशनल डेस्क: 2026 के सिर्फ पहले हफ्ते में, पंजाब में लगातार 2026 टारगेटेड किलिंग हुई, जो राज्य में मुश्किल हिंसा के जमे हुए पैटर्न के लगातार बने रहने और बढ़ने तथा कानून-व्यवस्था में गंभीर कमियों को दिखाती हैं। हमलावरों का साफ तौर पर बेखौफ होना, खालिस्तान समर्थक चरमपंथी तत्वों, नारकोटिक्स की तस्करी और स्थानीय राजनीतिक दुश्मनी से जुड़े ट्रांसनैशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और गैंगस्टर नैटवर्क की बढ़ती हिम्मत को दिखाता है।

5 जनवरी, 2026 को, गगनदीप सिंह, जो बाऊंसर के तौर पर काम करने वाले एक पूर्व कबड्डी खिलाड़ी थे और जगराओं की 'आप' विधायक सरवजीत कौर के करीबी रिश्तेदार थे, को जगराओं में मानुके गांव के बाहरी इलाके में अनाज मंडी के पास एक खेत में हथियारबंद हमलावरों ने गोली मार दी। शुरुआती जांच से पता चलता है कि हत्या दुश्मन गुप्स के बीच झगड़े के बाद हुई।

4 जनवरी, 2026 को, 'आप' सरपंच जरमल सिंह को अमृतसर जिले में अमृतसर-अटारी रोड पर वेरका के पास एक रिजॉर्ट में भीड़ भरे शादी समारोह के दौरान 2 बिना मास्क वाले हथियारबंद हमलावरों ने गोली मार दी। उनको एक साल से ज्यादा समय से विदेश में रहने वाले गैंगस्टर प्रभ दासुवाल से जबरन वसूली की धमकियां मिल रही थीं।

3 जनवरी, 2026 को, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्त्ता उमरसिर सिंह को मोगा जिले के भिडर कलां गांव में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने गोली मार दी। इससे पहले, 2 जनवरी, 2026 को, हेमप्रीत कौर, एक एन.आर.आई., जो लगभग एक महीने पहले विदेश से लौटी थी, की कपूरथला जिले में दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने टारगेटेड हमले में गोली मारकर हत्या कर दी।

खास बात यह है कि 2016 में इस पैटर्न के फिर से शुरू होने के बाद से, 8 साल (2008-2015) के बाद, 2025 में पंजाब में टारगेटेड किलिंग की सबसे ज्यादा संख्या दर्ज की गई है, जिसमें ज्यादातर घटनाएं विदेशों में मौजूद गैंगस्टर सिंडिकेट और कट्टरपंथी खालिस्तानी तत्वों से जुड़े ट्रांसनैशनल क्राइम नैटवर्क से जुड़ी हैं। खालिस्तान एक्सट्रीमिज्म मॉनिटर (के.ई.एम.) के डाटा से पता चलता है कि पंजाब में गैंगस्टर या आतंक से जुड़ी ये मौतें हुई-2016 में 3 (सभी आम नागरिक, टारगेटेड किलिंग), 2017 में 6 (सभी आम नागरिक, टारगेटेड किलिंग), 2018 में 3 (आतंकवादी हमले में आम नागरिक मारे गए), 2019 में 2 (एक ब्लास्ट में दो आतंकवादी मारे गए), 2020 में 2 (आम नागरिक, टारगेटेड किलिग), 2021 में 1 (ब्लास्ट में आतंकवादी मारा गया), 2022 में 3 (आम नागरिक, टारगेटेड किलिंग), 2023 में 6 (3 आम नागरिक और 3 गैंगस्टर, सभी टारगेटेड किलिग), 2024 में 9 (7 आम नागरिक और 2 गैंगस्टर-8 टारगेटेड किलिंग और एक इंटर-गैंग वॉर) और 2025 में तेजी से बढ़कर 31 (19) आम नागरिक, 3 आतंकवादी और 9 गैंगस्टर, जिनमें 21 टारगेटेड किलिंग) शामिल हैं।

इनमें से ज्यादातर टारगेटेड किलिंग एक कमांड-एंड-कंट्रोल स्टूक्कर को दिखाती हैं, जो उत्तर भारत में लोकल और मिड-लैवल गैंग के ऑपरेटिव को अमरीका, कनाडा, यूरोप, लातिन अमरीका, मिडल ईस्ट और साऊथ-ईस्ट एशिया से ऑपरेट करने वाले विदेश में मौजूद गैंग लीडर्स के साथ-साथ पाकिस्तान की आई.एस. आई. के सपोर्ट वाले गैंगस्टर्स और आतंकवादियों से जोड़ता है। 2016-17 के दौरान ऐसी हिंसा में मुख्य रूप से गैर-सिख धार्मिक नेताओ और खालिस्तान विरोधी लोगों को निशाना बनाया गया ताकि सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया जा सके और अलगाववादी भावना को फिर से जगाया जा सके। हाल के सालों में, खासकर 2022 में गायक सिद्ध मूसेवाला की हत्या के बाद, टारगेट प्रोफाइल मे एन.आर.आई., व्यापारी और बिजनैसमैन, कबड्डी प्लेयर जैसे खिलाड़ी और पंजाबी गायक शामिल हो गए हैं, जो इन क्रिमिनल टैरारिस्ट नैटवर्क के अंदर बड़े पैमाने पर 'एक्सटॉर्शन रैकेट' की बढ़ती केंद्रीयता को दिखाता है।

31 दिसम्बर, 2025 को, पंजाब के डी.जी.पी. गौरव यादव ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर और आई.एस.आई. पर गैंगस्टरों और आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करके राज्य को अस्थिर करने की नई साजिशें रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 40 विदेशी गैंगस्टर पंजाब में हिंसा भड़काने की कोशिश में एक्टिव थे, जबकि 400 से ज्यादा गैंग या मॉड्यूल अभी काम कर रहे थे, जिनकी सही संख्या अलग-अलग हो सकती है।

डी.जी.पी. ने बताया कि 2025 में पूरी कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में और ज्यादातर राज्यो के मुकाबले बेहतर थी। उन्होंने बताया कि साल के दौरान, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ.) और फील्ड यूनिट्स ने 416 गैंगस्टर मॉड्यूल खत्म किए, उनसे जुड़े 992 अपराधियों को गिरफ्तार किया का उदय र5
आतंकवादियों से जोड़ता है। 2016-17 के दौरान, ऐसी हिंसा में मुख्य रूप से गैर-सिख धार्मिक नेताओं और खालिस्तान विरोधी लोगों को निशाना बनाया गया ताकि सांप्रदायिक तनाव बढ़ाया जा सके और अलगाववादी भावना को फिर से जगाया जा सके। हाल के सालों में, खासकर 2022 में गायक सिद्ध मूसेवाला की हत्या के बाद, टारगेट प्रोफाइल में एन. आर. आई., व्यापारी और बिजनैसमैन, कबड्डी प्लेयर जैसे खिलाड़ी और पंजाबी गायक शामिल हो गए हैं, जो इन क्रिमिनल टैरारिस्ट नैटवर्क के अंदर बड़े पैमाने पर 'एक्सटॉर्शन रैकेट' की बढ़ती केंद्रीयता को दिखाता है।

31 दिसम्बर, 2025 को, पंजाब के डी.जी.पी. गौरव यादव ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर और आई.एस.आई. पर गैंगस्टरों और आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करके राज्य को अस्थिर करने की नई साजिशें रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 40 विदेशी गैंगस्टर पंजाब में हिंसा भड़काने की कोशिश में एक्टिव थे, जबकि 400 से ज्यादा गैंग या मॉड्यूल अभी काम कर रहे थे, जिनकी सही संख्या अलग-अलग हो सकती है।

डी.जी.पी. ने बताया कि 2025 में पूरी कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में और ज्यादातर राज्यों के मुकाबले बेहतर थी। उन्होंने बताया कि साल के दौरान, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ.) और फील्ड यूनिट्स ने 416 गैंगस्टर मॉड्यूल खत्म किए, उनसे जुड़े 992 अपराधियों को गिरफ्तार किया, 620 हथियार और 252 गाड़ियां जब्त कीं और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर अनमोल बिश्नोई, परमिदर सिह उर्फ पिंदी, सुखदेव कुमार उर्फ मनीष बेदी, और साजन मसीह उर्फ गोरू जैसे गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण करवाया। सिख समुदाय में खालिस्तानी चरमपंथी गैंग नैटवर्क के जरिए काम करते हैं, लड़ाकों को भर्ती करते हैं, अक्सर बेरोजगार युवा, जिनका कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होता, उन्हें कैश इनाम या विदेश में बेहतर जिदगी का वादा करके टारगेटेड किलिंग और ग्रेनेड हमलों सहित दूसरे हिंसक कामों को अंजाम देते हैं। विपक्ष ने 'आप' सरकार पर कानून-व्यवस्था की नाकामी का आरोप लगाया, वहीं सरकार ने मौजूदा ' गैंगस्टरवाद' संकट की जड़ का कारण पिछले डेढ़ दशक में पिछली सरकारों के गलत शासन और राजनीतिक संरक्षण को बताया। क्रिमिनल नैटवर्क की राजनीतिक पकड़, जो लोकल सत्ता संघर्ष और गहरी क्रिमिनल-पॉलिटिकल सांठगांठ से जुड़ी हुई है, हाल के लोकल बॉडी चुनावों में भी साफ दिखी।

मौजूदा हाइब्रिडखतरा, जो ट्रांसनैशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, नारकोटिक्स नैटवर्क और एक्सट्रीमिस्ट एक्टर्स के मिलने से पैदा हुआ है, ने पंजाब में जन सुरक्षा को कमजोर कर दिया है। लगातार पुलिस ऑप्रेशन। के बावजूद, बार-बार दिन-दिहाड़े टारगेटेड किलिंग से पता चलता है कि इंटैलीजैस, प्रिवेंटिव पुलिसिंग और रोकथाम में लगातार कमी है। 
 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!