Edited By Tanuja,Updated: 22 Oct, 2026 06:02 PM

श्रीलंका की नौसेना ने उदप्पुवा तट के पास कार्रवाई कर 2,400 किलोग्राम केंदू पत्ते जब्त किए और सात भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया। दो भारतीय नौकाओं और दो स्थानीय नौकाओं से जुड़े अभियान में चार श्रीलंकाई नागरिक भी हिरासत में लिए गए। आरोपियों और जब्त...
Colombo: श्रीलंका की नौसेना ने देश के समुद्री क्षेत्र में केंदू पत्तों की तस्करी के आरोप में सात भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। नौसेना ने बृहस्पतिवार को बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 2,400 किलोग्राम केंदू पत्ते बरामद किए गए। इस अभियान में चार श्रीलंकाई नागरिकों को भी हिरासत में लिया गया है। श्रीलंकाई नौसेना के बयान के मुताबिक, पश्चिमी नौसैनिक कमान से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया। इस दौरान श्रीलंका के जलक्षेत्र में दाखिल हो चुकीं दो संदिग्ध भारतीय नौकाओं और इलाके में मौजूद दो स्थानीय छोटी नौकाओं का पता लगाया गया। नौसेना ने बुधवार को पुट्टलम जिले में उदप्पुवा तट के पास दोनों भारतीय नौकाओं पर सवार सात भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया।
स्थानीय छोटी नौकाओं पर सवार चार श्रीलंकाई नागरिक भी पकड़े गए। नौकाओं की तलाशी के दौरान 60 बोरियों में रखे लगभग 2,400 किलोग्राम केंदू पत्ते बरामद हुए। नौसेना के अनुसार, सभी आरोपियों, जब्त नौकाओं और बरामद पत्तों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोलंबो स्थित सीमा शुल्क निवारक कार्यालय को सौंपा जाएगा। केंदू पत्तों का इस्तेमाल मुख्य रूप से बीड़ी बनाने में किया जाता है। ये पत्ते टिकाऊ होते हैं और तंबाकू को लपेटने के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। व्यावसायिक सिगरेट की तुलना में बीड़ी सस्ती होने के कारण इसकी मांग बनी रहती है। इसी मांग को पूरा करने के लिए केंदू पत्तों की श्रीलंका में तस्करी किए जाने की बात सामने आई है।
तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच स्थित पाक जलडमरूमध्य में कई उथले समुद्री मार्ग हैं। तस्कर कथित तौर पर छोटी नौकाओं का इस्तेमाल कर इन रास्तों से माल एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की कोशिश करते हैं।ऐसी तस्करी का एक संभावित उद्देश्य तंबाकू से संबंधित उत्पादों पर लागू आयात शुल्क और सीमा शुल्क नियमों से बचना है। हालांकि, इस मामले में आरोपियों की भूमिका और तस्करी के पूरे नेटवर्क का विवरण आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।श्रीलंकाई नौसेना की इस कार्रवाई के बाद जब्त माल और गिरफ्तार लोगों को सीमा शुल्क अधिकारियों के हवाले किया जा रहा है।