Edited By Sahil Kumar,Updated: 05 Mar, 2026 06:25 PM

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। इस बार मुद्दा फिटमेंट फैक्टर के साथ-साथ फैमिली यूनिट फॉर्मूले में बदलाव का है। फिलहाल सैलरी तय करने के लिए 3 फैमिली यूनिट का मानक लागू है, लेकिन कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 5...
नेशनल डेस्कः केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार बहस का केंद्र सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, बल्कि दशकों पुराने फैमिली यूनिट फॉर्मूले में संभावित बदलाव है। कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परिवार की यूनिट संख्या बढ़ाई जाती है, तो इसका सीधा असर बेसिक वेतन पर पड़ेगा और सैलरी में करीब 66 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव हो सकती है।
क्या है फैमिली यूनिट फॉर्मूला?
सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन संरचना तय करने के लिए 1956 के भारतीय श्रम सम्मेलन के बाद एक मानक फॉर्मूला अपनाया गया था। इसके अनुसार किसी कर्मचारी की सैलरी इस आधार पर तय की जाती है कि उसे तीन फैमिली यूनिट का खर्च उठाना पड़ता है। इन तीन यूनिट में कर्मचारी स्वयं, उसकी पत्नी और दो बच्चे शामिल माने जाते हैं।
फॉर्मूले में बदलाव की मांग क्यों उठ रही है?
कई कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में पारिवारिक जिम्मेदारियां पहले की तुलना में काफी बढ़ गई हैं। अब माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी कानूनी और सामाजिक रूप से बच्चों पर होती है। ऐसे में यह तर्क दिया जा रहा है कि फैमिली यूनिट की संख्या तीन की बजाय पांच मानी जानी चाहिए, जिसमें कर्मचारी, उसकी पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता शामिल हों।
कैसे बढ़ सकती है सैलरी ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि फैमिली यूनिट की संख्या बढ़ाई जाती है तो इसका सीधा असर बेसिक पे पर पड़ेगा। अनुमान है कि हर अतिरिक्त यूनिट के जुड़ने पर बेसिक सैलरी में लगभग 33.33 प्रतिशत तक वृद्धि संभव हो सकती है। यदि फैमिली यूनिट तीन से बढ़ाकर पांच कर दी जाती है तो सैद्धांतिक रूप से बेसिक वेतन में करीब 66 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 78,800 रुपये है तो-
- अगर फिटमेंट फैक्टर 1.76 के आसपास रहता है, तो नई बेसिक सैलरी लगभग 1,38,688 रुपये तक पहुंच सकती है।
- अगर फैमिली यूनिट को पांच मान लिया जाता है और फिटमेंट फैक्टर बढ़कर लगभग 2.42 हो जाता है, तो उसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी करीब 1,90,676 रुपये तक जा सकती है।
क्या वास्तव में होगा ऐसा बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों को देखते हुए फैमिली यूनिट फॉर्मूले में बदलाव की मांग तार्किक लगती है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सरकार और आगामी वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी वेतन वृद्धि साबित हो सकती है।