Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Mar, 2026 01:58 PM

सरकारी गलियारों में इन दिनों 8th Pay Commission को लेकर सुगबुगाहट तेज है। हर केंद्रीय कर्मचारी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया आयोग आने के बाद उनकी जेब में आने वाली रकम कितनी बदलेगी। सबसे ज्यादा चर्चा 'Fitment Factor' शब्द को लेकर हो रही है। सोशल...
8th Pay Commission: सरकारी गलियारों में इन दिनों 8th Pay Commission को लेकर सुगबुगाहट तेज है। हर केंद्रीय कर्मचारी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया आयोग आने के बाद उनकी जेब में आने वाली रकम कितनी बदलेगी। सबसे ज्यादा चर्चा 'Fitment Factor' शब्द को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया और चर्चाओं में यह दावा किया जा रहा है कि यदि फिटमेंट फैक्टर 2.8 या 3 के पार गया, तो वेतन में 150% का उछाल आएगा। लेकिन क्या यह दावा हकीकत है या महज आंकड़ों की बाजीगरी? आइए, इस पेचीदा गणित को आसान भाषा में डिकोड करते हैं।
फिटमेंट फैक्टर: सिर्फ एक गुणांक या सैलरी की चाबी?
इसे आसान तरीके से समझें तो फिटमेंट फैक्टर वह नंबर है जिससे आपकी मौजूदा Basic Salary को गुणा किया जाता है, ताकि नई Basic Pay तय हो सके। कर्मचारियों को लगता है कि अगर यह नंबर 2.5 से बढ़कर 2.8 हो गया, तो पूरी सैलरी ढाई गुना बढ़ जाएगी। यहीं पर असल पेंच फंसता है।
महंगाई भत्ते (DA) का खेल: क्यों नहीं बढ़ती उम्मीद जितनी सैलरी?
अक्सर कर्मचारी यह भूल जाते हैं कि वे वर्तमान में अपनी बेसिक सैलरी के साथ एक बड़ा हिस्सा महंगाई भत्ते (DA) के रूप में पहले से ले रहे हैं। जब भी new pay commission बैठता है, तो नियम के मुताबिक पिछले डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज (जोड़) कर दिया जाता है।
सच्चाई यह है: फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद जो नई रकम बनती है, वह आपकी 'कुल सैलरी' में बड़ी बढ़त तो दिखाती है, लेकिन उसमें से वह DA घटा दिया जाता है जो आप पहले से पा रहे थे। इसीलिए, जिसे लोग 150% की ग्रोथ समझ रहे हैं, वह असल में शुद्ध रूप से 20% से 35% के बीच की बढ़त ही होती है।
क्या कहता है इतिहास? (6वें और 7वें आयोग का सबक)
अगर हम बीते वर्षों के आंकड़ों को देखें, तो फिटमेंट फैक्टर हमेशा खुशहाली की गारंटी नहीं रहा।
-
6ठा वेतन आयोग: इसने कर्मचारियों को असल मायने में बड़ी राहत दी थी, जहां वास्तविक वेतन वृद्धि करीब 54% दर्ज की गई थी।
-
7वां वेतन आयोग: यहां फिटमेंट फैक्टर की चर्चा तो बहुत हुई, लेकिन जब कर्मचारियों के हाथ में पैसा आया, तो वह वृद्धि ऐतिहासिक रूप से काफी कम रही।
8th Pay Commission से क्या हैं वास्तविक उम्मीदें?
मौजूदा हालातों को देखें तो DA 50% की सीमा को पार कर चुका है। ऐसे में 8th Pay Commission के गठन के समय इसे Basic Pay में शामिल किया जाना तय है। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर को 3.68 रखा जाए। अगर सरकार इस मांग के आसपास भी पहुंचती है, तभी कर्मचारियों को एक संतोषजनक 'नेट हाइक' मिल पाएगी। अन्यथा, सिर्फ फिटमेंट फैक्टर के नंबर बढ़ने से कागजों पर सैलरी ज्यादा दिखेगी, लेकिन हाथ में आने वाला अतिरिक्त पैसा उम्मीद से कम हो सकता है।