8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 10 मार्च को होगा अंतिम फैसला! चपरासी की सैलरी में भी होगा भारी इजाफा

Edited By Updated: 26 Feb, 2026 09:00 AM

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केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय आर्थिक खुशियों की सौगात ला सकता है। बीते बुधवार, 25 फरवरी 2025 को दिल्ली में नेशनल काउंसिल-जेसीएम (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक मैराथन बैठक हुई, जिसने सरकारी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।...

नेशनल डेस्क:  केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय आर्थिक खुशियों की सौगात ला सकता है। बीते बुधवार, 25 फरवरी 2025 को दिल्ली में नेशनल काउंसिल-जेसीएम (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक मैराथन बैठक हुई, जिसने सरकारी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। लगभग दो घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु वह 'मेमोरेंडम' तैयार करना था, जिसे जल्द ही सरकार और नए वेतन आयोग को सौंपा जाना है। कर्मचारियों की नजरें अब अगले पड़ाव पर टिकी हैं, क्योंकि इस बैठक में सैलरी स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदलने का खाका तैयार किया गया है।

बैठक का मुख्य एजेंडा और 5 बड़े मुद्दे
रेलवे कर्मचारियों की यूनियन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के अनुसार, इस मंथन में भविष्य की सैलरी के ढांचे को लेकर पांच अहम मांगों पर सहमति बनाने की कोशिश की गई। सबसे प्रमुख मुद्दा फिटमेंट फैक्टर का रहा, जिसे कर्मचारी संघ 3.25 तक ले जाने की मांग पर अड़े हैं। यदि सरकार इस पर मुहर लगाती है, तो न्यूनतम वेतन में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा। इसके साथ ही, बढ़ती महंगाई के दौर में न्यूनतम सैलरी की नई सीमा तय करने और सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 7% करने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इतना ही नहीं, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और मेडिकल अलाउंस जैसे भत्तों के पुनर्गठन और निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए एक बेहतर 'वेतन पैटर्न' बनाने पर भी जोर दिया गया है।

समानता की मांग और NPS का पेंच
इस बैठक में केवल वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि भेदभाव खत्म करने की आवाज भी बुलंद हुई। ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने मांग रखी कि केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और स्वायत्त संस्थानों के लाखों कर्मचारियों को भी JCM में उचित प्रतिनिधित्व मिले, ताकि केंद्र के नियम उन तक बिना किसी देरी के पहुंच सकें। वहीं, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली का मुद्दा अभी भी 'ब्रह्मास्त्र' की तरह बना हुआ है। कर्मचारी संघों ने साफ कर दिया है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के साथ-साथ OPS की मांग उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रहेगी।

अगला कदम: 10 मार्च की निर्णायक तारीख
हालांकि 25 फरवरी की चर्चा काफी सकारात्मक रही, लेकिन अभी तस्वीर पूरी तरह साफ होना बाकी है। जेसीएम की अगली बड़ी बैठक 10 मार्च को निर्धारित की गई है। इस बैठक में चर्चाओं को अंतिम रूप देकर एक संयुक्त मेमोरेंडम तैयार किया जाएगा, जिसे औपचारिक रूप से आयोग को सौंप दिया जाएगा।

चपरासी की सैलरी भी 58,500 रुपये
अगर फिटमेंट फैक्टर और 7% इंक्रीमेंट जैसी मांगों को हरी झंडी मिलती है, तो एक साधारण चपरासी की सैलरी भी 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है। होली से पहले होने वाली ये गतिविधियां करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की किस्मत के साथ-साथ उनकी जेब का भविष्य भी तय करेंगी।

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