Edited By Radhika,Updated: 13 Apr, 2026 04:36 PM

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग का इंतजार अब लंबा होता जा रहा है। मार्च के अंत तक होने वाली घोषणाओं में इस बार देरी के चलते कर्मचारी वर्ग में हलचल तेज है। इस देरी के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी नया वेतनमान...
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग का इंतजार अब लंबा होता जा रहा है। मार्च के अंत तक होने वाली घोषणाओं में इस बार देरी के चलते कर्मचारी वर्ग में हलचल तेज है। इस देरी के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी नया वेतनमान लागू होगा, यह कर्मचारियों की 'इन-हैंड' यानी टेक-होम सैलरी में जबरदस्त इजाफा लेकर आएगा। आइए जानते हैं कि इससे जुड़े फिटमेंट फैक्टर के बारे में
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क्या है फिटमेंट फैक्टर का गणित?
8वें वेतन आयोग की सबसे बड़ी चर्चा Fitment Factor को लेकर है। वर्तमान में यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 3.5 या उससे अधिक किए जाने की संभावना है। यदि न्यूनतम बेसिक सैलरी अभी 18,000 रुपये है, तो नए फिटमेंट फैक्टर के साथ यह सीधे 25,000 से 30,000 रुपये के बीच पहुंच सकती है। संशोधित बेसिक पे = वर्तमान बेसिक पे X नया फिटमेंट फैक्टर।

सैलरी स्ट्रक्चर में किसका कितना हिस्सा?
एक सरकारी कर्मचारी की कुल सैलरी कई घटकों से मिलकर बनती है। सामान्य तौर पर इसका अनुपात कुछ इस प्रकार होता है:
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घटक (Components)
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कुल वेतन में अनुमानित हिस्सेदारी
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बेसिक पे (Basic Pay)
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लगभग 51.5%
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महंगाई भत्ता (DA)
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लगभग 30.9%
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HRA (मकान किराया भत्ता)
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लगभग 15.4%
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ट्रांसपोर्ट अलाउंस
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लगभग 2.2%
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महंगाई भत्ते (DA) पर क्या होगा असर?
नए वेतन आयोग के लागू होते ही DA को रीसेट कर बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि शुरुआत में आपकी पे-स्लिप में DA कम दिखेगा, लेकिन बेसिक पे इतनी बढ़ जाएगी कि आपकी कुल ग्रॉस सैलरी और भविष्य की बचत (PF) दोनों में बड़ा उछाल आएगा।
टेक-होम सैलरी बढ़ने के मुख्य कारण
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फिटमेंट फैक्टर बढ़ते ही आधार वेतन बढ़ेगा।
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बेसिक पे बढ़ने से HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे अन्य भत्ते भी स्वतः बढ़ जाएंगे।
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सैलरी बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ भी सुरक्षित और बड़े होंगे।
हालांकि PF की कटौती बढ़ने से शुरुआती तौर पर टेक-होम सैलरी में मामूली अंतर दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि और कुल नेट सैलरी के लिहाज से यह कर्मचारियों के लिए बड़ी वित्तीय राहत साबित होगी।