Edited By Sahil Kumar,Updated: 27 Oct, 2026 03:22 PM

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने को लेकर विरोध 'पैसे देकर चलाया गया अभियान' था। सरकार के केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन अधिसूचित किए जाने के एक दिन बाद उन्होंने यह टिप्पणी की...
नई दिल्लीः केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने को लेकर विरोध 'पैसे देकर चलाया गया अभियान' था। सरकार के केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन अधिसूचित किए जाने के एक दिन बाद उन्होंने यह टिप्पणी की है।
इन संशोधनों के तहत ई100 (लगभग शुद्ध एथेनॉल) तक पर चलने वाले 'फ्लेक्स-फ्यूल' वाहनों को अनुमति दी गई है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि जीवाश्म ईंधन का आयात कम करके भारत बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
उन्होंने कहा, ''तीन महीने पहले ई20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) ईंधन के खिलाफ काफी शोर मचाया गया था। अब ई20 ईंधन को लेकर नाराजगी खत्म हो गई है... यह पैसे देकर चलाया गया अभियान था।'' मंत्री ने साथ ही कहा कि राजमार्गों के कुछ हिस्सों की खराब स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर मिली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने हाल ही में 700-800 परियोजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा, ''मैं राजमार्गों की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने वाला हूं।'' गडकरी ने भरोसा दिलाया कि अगले दो वर्षों में राजमार्गों का इस्तेमाल करने वालों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।