Edited By Ramkesh,Updated: 12 Jul, 2026 12:54 PM

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) अब सिर्फ बढ़ती उम्र की समस्या नहीं रह गई है। कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार,...
नेशनल डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) अब सिर्फ बढ़ती उम्र की समस्या नहीं रह गई है। कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में लगभग 20 प्रतिशत वयस्क उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। समय पर जांच, संतुलित जीवनशैली और नियमित उपचार से इस गंभीर बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
आंकड़ों ने चौंकाया
चिकित्सकों ने कहा कि कई लोगों को तब तक यह पता ही नहीं चलता कि उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है, जब तक हृदयाघात, दौरे पड़ने या गुर्दे की बीमारी जैसी गंभीर समस्या नहीं हो जाती। एनएफएचएस-6 (2023-24) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में 15 साल से अधिक उम्र की 19.4 फीसद युवतियों और 22.1 फीसद युवकों को उच्च रक्तचाप की समस्या है या वे इसके लिए दवा ले रहे हैं। शहरों में ऐसे लोगों की संख्या गांवों की तुलना में ज्यादा है।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
विशेषज्ञों ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि उच्च रक्तचाप में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते और इसकी जानकारी तब मिलती है, जब बीमारी बढ़ चुकी होती है। 'इंस्टीट्यूट आफ हार्ट लंग्स डिजीज रिसर्च सेंटर' के चेयरमैन और 'आइलिव कनेक्ट' के संस्थापक डाक्टर राहुल चंदोला ने कहा, ज्यादातर युवा मरीज खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करते हैं। उन्हें अक्सर सामान्य जांच, आपरेशन से पहले की जांच या हृदय से जुड़ी किसी आपात स्थिति के बाद पता चलता है कि उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कराई गई रक्तचाप की जांच केवल उस समय की स्थिति बताती है जबकि जरूरी बात यह जानना है कि रोजमर्रा की जिंदगी में कई हफ्तों और महीनों तक रक्तचाप कैसा रहता है।
गंभीर समस्याओं को होने से पहले रोका जा सकता है
डाक्टर ने कहा, रक्तचाप की जानकारी सीधे चिकित्सकों को भेजने के लिए घर पर इस्तेमाल होने वाले डिजिटल उपकरण की मदद से उच्च रक्तचाप की समस्या का समय पर पता लगाया जा सकता है, इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है और गंभीर समस्याओं को होने से पहले रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी वयस्कों, खासकर मोटापा, मधुमेह के शिकार व्यक्तियों और ऐसे लोगों को घर पर सही डिजिटल मशीन से नियमित रूप से रक्तचाप जांचना चाहिए, जिनके परिवार में दूसरे लोग उच्च रक्तचाप या हृदय रोग से पीड़ित हैं।
इन वजह से हो रही उच्च रक्तचाप की समस्या
आइसीएमआर-इंडियाब के अध्ययन में पता चला है कि भारत में चार में से एक से ज्यादा वयस्क उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों को इसका पता भी नहीं है। अध्ययन में मोटापा, मधुमेह, शहरों का रहन-सहन, शारीरिक गतिविधि की कमी और ज्यादा नमक खाना इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।