Edited By Rohini Oberoi,Updated: 15 Jan, 2026 08:55 AM

ईरान में जारी आंतरिक संघर्ष और तनावपूर्ण हालातों का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों से ईरान का एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने के कारण भारत की प्रमुख एयरलाइंस, एयर इंडिया और इंडिगो ने अपने यात्रियों के लिए जरूरी...
Air India Travel Advisory : ईरान में जारी आंतरिक संघर्ष और तनावपूर्ण हालातों का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर दिखने लगा है। सुरक्षा कारणों से ईरान का एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद होने के कारण भारत की प्रमुख एयरलाइंस, एयर इंडिया और इंडिगो ने अपने यात्रियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कई उड़ानों का रास्ता बदल दिया गया है जिससे फ्लाइट्स के समय में देरी हो रही है।

एयर इंडिया की एडवाइजरी: सुरक्षा सबसे ऊपर
एयर इंडिया ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि ईरान के हालातों को देखते हुए ऑपरेशनल बदलाव किए गए हैं:
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रूट में बदलाव: ईरान के हवाई क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों को अब लंबे और वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा रहा है।
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उड़ानें रद्द: कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिन लंबी दूरी की उड़ानों का मार्ग बदलना संभव नहीं है उन्हें सुरक्षा कारणों से कैंसिल (Cancel) कर दिया गया है।
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यात्रियों से अपील: यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का 'लाइव स्टेटस' जरूर चेक कर लें।

इंडिगो ने भी जताई चिंता
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भी अपने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आगाह किया है। इंडिगो ने कहा कि ईरान का एयरस्पेस बंद होना एक ऐसी स्थिति है जो उनके नियंत्रण से बाहर है। जिन यात्रियों की फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं, वे इंडिगो की वेबसाइट पर जाकर अपनी टिकट को दोबारा बुक करने या रिफंड के विकल्पों की जांच कर सकते हैं।
क्यों बंद हुआ ईरान का हवाई क्षेत्र?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान में जारी भारी बवाल और सुरक्षा चिंताओं के कारण वहां का आसमान सभी सामान्य उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया है। यह पाबंदी स्थानीय समय के अनुसार शाम 7:30 बजे तक लागू रहेगी। केवल उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को इजाजत दी जा रही है जिनके पास विशेष आधिकारिक अनुमति है।

यात्रियों पर क्या होगा असर?
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उड़ानों में देरी: वैकल्पिक रास्तों (जैसे सऊदी अरब या अन्य देशों के ऊपर से) के इस्तेमाल के कारण यात्रा के समय में 1 से 3 घंटे तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
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किराए में वृद्धि: लंबे रूट का मतलब है ज्यादा ईंधन की खपत जिससे आने वाले दिनों में इन रूटों पर हवाई किराए बढ़ सकते हैं।
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कनेक्टिंग फ्लाइट्स: यूरोप और अमेरिका जाने वाले यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस होने का खतरा बढ़ गया है।