Edited By Parveen Kumar,Updated: 13 Mar, 2026 08:35 PM

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। कंपनी के मुताबिक यह नया शुल्क 14 मार्च 2026 की रात 12:01 बजे से लागू होगा। एयरलाइन ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण...
नेशनल डेस्क : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है। कंपनी के मुताबिक यह नया शुल्क 14 मार्च 2026 की रात 12:01 बजे से लागू होगा। एयरलाइन ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण विमान ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा है।
ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी बनी वजह
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल और विमान ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। International Air Transport Association के जेट फ्यूल मॉनिटर के अनुसार इस क्षेत्र में जेट फ्यूल की कीमतों में 85 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चूंकि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा संचालन खर्च होता है, इसलिए इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर एयरलाइन कंपनियों की लागत पर पड़ता है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अलग-अलग चार्ज
IndiGo ने बताया कि नया फ्यूल सरचार्ज हर सेक्टर यानी यात्रा के हिस्से के आधार पर लगाया जाएगा और यह दूरी के अनुसार अलग-अलग होगा। घरेलू और भारतीय उपमहाद्वीप की उड़ानों पर 425 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। वहीं मिडिल ईस्ट के लिए यह चार्ज 900 रुपये रखा गया है। दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन के लिए 1,800 रुपये तथा अफ्रीका और वेस्ट एशिया के लिए भी 1,800 रुपये का सरचार्ज देना होगा। यूरोप जाने वाले यात्रियों को 2,300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
यात्रियों पर कम असर रखने की कोशिश
एयरलाइन का कहना है कि अगर ईंधन की बढ़ी कीमतों का पूरा असर टिकट के किराए में जोड़ा जाए तो बेस किराए में काफी ज्यादा बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। इसी वजह से फिलहाल कंपनी ने सीमित फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है, ताकि यात्रियों पर अचानक ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े और किराए में बड़ा उछाल भी न आए।
इंडिगो का बड़ा नेटवर्क और संचालन
InterGlobe Aviation की एयरलाइन IndiGo के पास इस समय 400 से ज्यादा विमानों का बेड़ा है। साल 2025 में एयरलाइन ने लगभग 12.4 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई थी। फिलहाल यह एयरलाइन दुनिया भर में 135 से ज्यादा डेस्टिनेशन को जोड़ती है। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर बनाए रखेगी और जरूरत पड़ने पर फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया जा सकता है।