Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Mar, 2026 04:28 PM

भारतीय रेलवे से हर दिन सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। अगर आप भी स्टेशन की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते थे, तो जान लीजिए कि अब नियम बदल चुके हैं। 1 मार्च से रेलवे ने अपने पुराने और लोकप्रिय UTS...
Railways News: भारतीय रेलवे से हर दिन सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। अगर आप भी स्टेशन की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते थे, तो जान लीजिए कि अब नियम बदल चुके हैं। 1 मार्च से रेलवे ने अपने पुराने और लोकप्रिय UTS (Unreserved Ticketing System) ऐप को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसकी जगह अब एक नया और हाईटेक प्लेटफॉर्म 'RailOne' ले चुका है।
अब एक ही ऐप पर मिलेंगी सारी सुविधाएं
पुराने सिस्टम में यात्रियों को जनरल टिकट के लिए UTS और रिजर्वेशन के लिए IRCTC के अलग-अलग ऐप्स रखने पड़ते थे। लेकिन RailOne के आने से यह झंझट खत्म हो गया है। अब आप एक ही जगह से:
बुक कर सकेंगे। यह IRCTC द्वारा अधिकृत एक एकीकृत (Integrated) टिकटिंग सिस्टम है, जो यात्रियों के डिजिटल अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
RailOne ऐप के खास फायदे और फीचर्स
रेलवे का दावा है कि नया ऐप न केवल आधुनिक है, बल्कि पुराने ऐप की तुलना में काफी तेज भी है। इसके मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
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बेहतर सर्वर स्पीड: अक्सर पीक ऑवर्स या ऑफिस टाइम के दौरान पुराना ऐप धीमा हो जाता था, लेकिन RailOne को हाई-ट्रैफिक संभालने के लिए तैयार किया गया है।
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आसान इंटरफेस: ऐप का इस्तेमाल करना अब पहले से कहीं ज्यादा सरल है। इसमें UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे भुगतान के कई विकल्प दिए गए हैं।
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सब कुछ एक जगह: टिकट बुकिंग के अलावा आप इसी ऐप पर लाइव ट्रेन स्टेटस, PNR चेक और ट्रेनों की खोज भी कर सकते हैं।
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सुरक्षित डेटा और वॉलेट: सबसे राहत की बात यह है कि आपको नए सिरे से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। आप अपने पुराने मोबाइल नंबर से लॉगिन कर सकते हैं। आपके पुराने UTS ऐप का R-Wallet बैलेंस भी सुरक्षित रहेगा और नए ऐप में अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा।